आरपीएफ में तैनाती को लेकर आईजी और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आमने-सामने जयपुर पोस्ट से निरीक्षक को हटाने के फैसले पर मंडल ने जताई असहमति, कुछ दिन बाद हुई वापसी
रिपोर्ट: नवीन यादव
जयपुर। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल में अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण को लेकर मुख्यालय और जयपुर मंडल के बीच प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग राय सामने आई है। बताया जा रहा है कि जयपुर पोस्ट पर तैनात निरीक्षक प्रदीप कुमार को पिछले माह पोस्ट से हटाकर मंडल कार्यालय से संबद्ध करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जयपुर मंडल की ओर से मुख्यालय को रिपोर्ट भेजकर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक ज्योति कुमार सतीजा की ओर से निरीक्षक को जयपुर पोस्ट से हटाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं, जयपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ओंकार सिंह ने मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट में निरीक्षक को जयपुर पोस्ट पर बनाए रखने की सिफारिश की। रिपोर्ट में जयपुर पोस्ट को रेलवे की संवेदनशील सुरक्षा इकाइयों में शामिल बताते हुए यहां बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही, विशिष्ट व्यक्तियों की आवाजाही, विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी और बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी का हवाला दिया गया।
बताया जा रहा है कि मंडल की रिपोर्ट में निरीक्षक प्रदीप कुमार के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया गया। इनमें करीब 60 लाख रुपये के आभूषण चोरी के मामले का खुलासा, बच्चों को सुरक्षित बचाने, महिला सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अपराध रोकथाम में उनकी भूमिका को प्रमुखता से बताया गया।
सूत्रों के अनुसार, मंडल की ओर से यह भी कहा गया कि रेलवे सुरक्षा बल की कई पोस्टों पर पद रिक्त हैं, जबकि कुछ स्थानों पर आवश्यकता के मुकाबले अधिक बल तैनात है। ऐसे में सुरक्षा बल की तैनाती स्थानीय जरूरत, यात्री दबाव और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर किए जाने की आवश्यकता जताई गई।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पूर्व निरीक्षक प्रदीप कुमार की जयपुर पोस्ट पर दोबारा वापसी हो गई। उनकी वापसी के बाद फिलहाल मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन इस घटनाक्रम ने रेलवे सुरक्षा बल में स्थानांतरण और तैनाती व्यवस्था को लेकर मुख्यालय और मैदानी इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत को सामने ला दिया है।










