संगठन में बड़ी सेंध! NCRMU छोड़ NCRES के साथ आए दो कर्मचारी सम्मान और अधिकारों की लड़ाई का किया ऐलान, मनोज यादव और धर्मेंद्र वर्मा ने बदला संगठन गौरव श्रीवास्तव बोले—हर वर्ग के कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा NCRES
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। NCRES झांसी मंडल कार्यालय में मंडल सचिव गौरव श्रीवास्तव के समक्ष NCRMU से मनोज यादव TRD एवं धर्मेंद्र वर्मा TRS ने SCST का दामन छोड़कर NCRES की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, प्रिंसी सिंह, सहायक मंडल सचिव अशोक कुमार त्रिपाठी एवं मंडल कोषाध्यक्ष महेंद्र सेन मौजूद रहे।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, प्रिंसी सिंह, सहायक मंडल सचिव अशोक कुमार त्रिपाठी एवं मंडल कोषाध्यक्ष महेंद्र सेन ने दोनों नए सदस्यों को पट्टिका पहनाकर तथा सदस्यता कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
मनोज यादव ने कहा कि केवल NCRES में ही सभी कर्मचारियों का सम्मान सुरक्षित है। संगठन बिना किसी भेदभाव के कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार कार्य करता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों और अधिकारों के लिए NCRES के साथ मिलकर संघर्ष किया जाएगा।
धर्मेंद्र वर्मा ने कहा कि उन्होंने NCRMU और अन्य एसोसिएशनों की कार्यप्रणाली को देखा है, लेकिन सच्ची सेवा भावना केवल NCRES में ही देखने को मिली। इसी विश्वास के चलते उन्होंने NCRES के साथ जुड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों के लिए संगठन के साथ संघर्ष करने का संकल्प जताया।
मंडल सचिव गौरव श्रीवास्तव ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि NCRES कर्मचारियों के अधिकारों के लिए निरंतर हर स्तर पर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन के महामंत्री आरपी सिंह ने हर वर्ग के कर्मचारियों की समस्याओं और उनके अधिकारों की मांग को हर स्तर तक मजबूती से रखा है। NCRES कर्मचारियों के मान-सम्मान एवं उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा अग्रसर रहता है।
कार्यक्रम में निखिल पांडे, विश्वास शर्मा, मधुर पाण्डेय, मनीष पस्तोर, लोकेश यादव, राकेश खरे, सतीश यादव, अवधेश दुबे, ब्रजेश तिवारी, नितेश कुशवाहा, दीपक रायकवार, कुलदीप राजपूत, प्रफुल खरे, पीके शर्मा, राजबहादुर यादव, सोनू कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार, शैलेन्द्र रावत, मुमताज, जोहेब खान, पंकज रायकवार, बबलू प्रजापति, योगेश कुमार सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। सभा का संचालन महेंद्र सेन ने किया।










