तिरंगे के साए में आरपीएफ का सुरक्षा संदेश, आईजी ए.एन. सिन्हा ने जनता से साधा सीधा संवाद स्वतंत्रता दिवस पर पूर्वी रेलवे में आरपीएफ का बड़ा जनजागरूकता अभियान, पत्थरबाजी और मानव तस्करी के खिलाफ ग्रामीणों को किया सचेत हावड़ा, सियालदह, आसनसोल और मालदा मंडलों में चला व्यापक सुरक्षा एवं जनजागरूकता अभियान
रिपोर्ट नवीन यादव
कोलकाता। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्वी रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षा और जनजागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया। पूर्वी रेलवे के हावड़ा, सियालदह, आसनसोल और मालदा मंडलों में आरपीएफ अधिकारियों एवं जवानों ने रेलवे यात्रियों, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों तथा आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर रेलवे सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए।
अभियान का नेतृत्व पूर्वी रेलवे के आरपीएफ महानिरीक्षक ए.एन. सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। तिरंगे की छांव में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस की भावना को रेलवे सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना रहा।
आरपीएफ अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों और रेलवे लाइनों के आसपास रहने वाले लोगों को चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के गंभीर परिणामों के प्रति सचेत किया। लोगों को समझाया गया कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे यात्रियों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की गई।
अभियान के दौरान मानव तस्करी के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलाया गया। आरपीएफ ने ग्रामीणों और आम लोगों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, बच्चों एवं महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले लोगों से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की।
आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को रेलवे परिसर में सुरक्षित यात्रा, संदिग्ध वस्तुओं की सूचना, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा आपात स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल की मदद लेने के संबंध में भी जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे की सुरक्षा केवल आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यात्रियों और आम नागरिकों की भागीदारी से ही इसे और मजबूत बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से आरपीएफ द्वारा रेलवे ट्रैक और स्टेशनों के आसपास रहने वाले लोगों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान में आरपीएफ ने राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ सुरक्षित रेलवे, सुरक्षित यात्री और जिम्मेदार नागरिक का संकल्प भी लोगों के सामने रखा। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही रेलवे अपराधों और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने का सबसे मजबूत माध्यम है।
रिपोर्ट: नवीन यादव










