करारी स्टेशन पर डीजल चोरी में रेल कर्मचारी पकड़ा, आरपीएफ ने खोला जांच का मोर्चा करारी से गढ़मऊ तक डीजल चोरी की कड़ियां खंगाली जा रहीं, पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई नाम
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। करारी रेलवे स्टेशन पर डीजल चोरी के मामले में एक रेल कर्मचारी के पकड़े जाने के बाद वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी आरपीएफ थाना ने जांच तेज कर दी है। कर्मचारी से पूछताछ के आधार पर अब डीजल चोरी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
आरपीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि रेलवे का डीजल किस तरीके से चोरी किया जाता था, चोरी के बाद उसे कहां पहुंचाया जाता था और इस गतिविधि में किन लोगों की भूमिका रही। पकड़े गए रेल कर्मचारी के संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
करारी के बाद गढ़मऊ तक जांच का दायरा
डीजल चोरी के पुराने मामलों को भी जांच से जोड़ा जा रहा है। गढ़मऊ रेलवे यार्ड में डीजल चोरी के मामले में करीब 350 लीटर डीजल बरामद किया गया था। मौके से तेल रखने वाली जरीकेन भी मिली थीं।
अब करारी रेलवे स्टेशन के प्रकरण में रेल कर्मचारी के पकड़े जाने के बाद आरपीएफ यह पड़ताल कर रही है कि करारी और गढ़मऊ में सामने आए मामलों के बीच कोई कड़ी जुड़ी है या नहीं। यदि दोनों मामलों के तार जुड़े मिले तो डीजल चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
मोबाइल और संपर्कों की जांच से खुलेंगे राज
पकड़े गए रेल कर्मचारी के मोबाइल फोन और संपर्कों की जानकारी को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। आरपीएफ यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डीजल चोरी के दौरान किन लोगों से संपर्क किया गया और चोरी के तेल को ठिकाने लगाने में किसकी भूमिका रही।
रेल कर्मचारी के पकड़े जाने के बाद डीजल चोरी से जुड़े अन्य संदिग्ध भी जांच के घेरे में आ गए हैं। आरपीएफ की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में नए नाम और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
रिपोर्ट: नवीन यादव










