मुंबई में ‘मेड इन इंडिया ड्रग्स कंपनी” का मालिक गिरफ्तार, 13 लाख का माल जब्त!

रिपोर्ट इंद्र यादव

मुम्बई , पुलिस ने एक बार फिर नशे के ‘होममेड कारोबारियों’ की हवा निकाल दी है। 13 लाख रुपये की मेफेड्रोन जब्त करके तीन आदमियों को गिरफ्तार किया गया है। मजे की बात ये है कि ये तीनों न तो किसी बड़े सप्लायर के एजेंट थे, न बाहर से माल मंगवा रहे थे—सीधे खुद ही घर में बना-बनाकर बेच रहे थे। यानी नशे का भी ‘मेड इन इंडिया’ वर्जन निकाल लिया था इन्होंने!
5 सितंबर 2026 को पुलिस की टीम जंजीकर स्ट्रीट पर गश्त कर रही थी। तभी दो सज्जन महोदय मेफेड्रोन लेकर इधर-उधर घूमते नजर आए। पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। तीसरे साथी का पता धोबी गली से चला और उसे भी जाल में फंसा लिया गया। लग रहा था जैसे तीनों ने मिलकर कोई ‘स्टार्टअप’ शुरू किया हो—सिर्फ प्रॉडक्ट थोड़ा खतरनाक था।
गिरफ्तार तीनों के नाम हैं—कपिल अरोड़ा (39), आसिफ शेख (44) और असलम शेख (33)। तीनों के पास पहले से लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। यानी ये कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि पुराने तजुरबेकार खिलाड़ी हैं जो नशे के धंधे में सालों से ‘एक्सपीरियंस’ इकट्ठा कर रहे थे। अब लगता है अनुभव का फल मिल गया।
पूछताछ में पता चला कि ये तीनों खुद मेफेड्रोन बनाकर बेच रहे थे। इसके बाद उल्हासनगर में छापा मारा गया और बनाने वाले उपकरण बरामद हो गए। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि ये ‘घरेलू फैक्ट्री’ कितनी बड़ी थी और कहां-कहां माल पहुंच रहा था।
यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती, जॉइंट कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा और डिप्टी कमिश्नर रागासुधा आर. के मार्गदर्शन में हुई। मैदान में काम पायधोनी के सीनियर इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत साळुंखे, इंस्पेक्टर अजय कदम, असिस्टेंट इंस्पेक्टर किरण मांढरे और उनकी टीम ने किया।
जो लोग सोचते हैं कि घर बैठे नशा बनाकर अमीर बन जाएंगे, उन्हें ये तीनों की कहानी अच्छे से पढ़ लेनी चाहिए। 13 लाख की ‘मेहनत’ अब जेल की सलाखों के पीछे ही सड़ने वाली है। बाकी लोगों को सलाह है—इस रास्ते से दूर रहो, वरना पुलिस तुम्हें भी ऐसे ही पकड़कर ‘सफल उद्यमी’ बना देगी!

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