अचेत पड़ा था 70 साल का बुजुर्ग, आरपीएफ उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत ने बढ़ाया मदद का हाथ ग्वालियर स्टेशन पर गश्त के दौरान मिली जिंदगी की पुकार; प्राथमिक उपचार के बाद स्वर्ग सदन आश्रम पहुंचाया
उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल में शामिल झांसी ग्वालियर। रेलवे सुरक्षा बल की वर्दी केवल सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि मुसीबत में फंसे इंसान के लिए सहारे की उम्मीद भी बन सकती है। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को आरपीएफ के उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत ने संवेदनशीलता की ऐसी ही मिसाल पेश की। पश्चिमी सर्कुलेटिंग एरिया में अचेत अवस्था में पड़े करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग को उन्होंने साथियों के साथ तत्काल संभाला, प्राथमिक उपचार दिलाया और सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाने की व्यवस्था की।
5 अक्टूबर को शाम करीब 4:30 बजे उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत, सहायक उपनिरीक्षक अजय पाल सिंह और प्रधान आरक्षक उमेश कुमार गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पश्चिमी सर्कुलेटिंग एरिया में बेसुध पड़े बुजुर्ग पर पड़ी। आरपीएफ टीम ने बिना देर किए उनकी सुध ली और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
होश में आने के बाद बुजुर्ग ने अपना नाम दिनकर पुत्र शंकर जोरे, उम्र 70 वर्ष, निवासी महाराष्ट्र बताया। उन्होंने बताया कि वह महाराष्ट्र से ग्वालियर आए हैं। अत्यधिक बीमारी के कारण उनकी हालत ऐसी हो गई है कि वह ठीक से चल-फिर भी नहीं सकते।
सिर्फ स्टेशन से हटाना नहीं, इलाज और आश्रय की चिंता
बुजुर्ग की हालत को देखते हुए आरपीएफ ने उन्हें महज औपचारिक कार्रवाई के बाद छोड़ने के बजाय उनके उपचार और ठहरने की व्यवस्था कराने की पहल की। उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत ने स्वर्ग सदन आश्रम के संस्थापक विकास गोस्वामी से संपर्क किया।
इसके बाद बुजुर्ग को उपचार एवं सुरक्षित ठहरने के लिए स्वर्ग सदन आश्रम भेजा गया, जहां उनकी देखभाल और इलाज की व्यवस्था हो सके।
‘ऑपरेशन सेवा’ में दिखी आरपीएफ की इंसानियत
यह कार्रवाई बताती है कि आरपीएफ की जिम्मेदारी केवल अपराध रोकने, यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन की निगरानी तक सीमित नहीं है। जरूरत के समय असहाय व्यक्ति को सहारा देना भी सुरक्षा व्यवस्था की मानवीय जिम्मेदारी है।
ग्वालियर स्टेशन पर अचेत मिले इस बुजुर्ग के लिए उस वक्त आरपीएफ की वर्दी ही पहली मदद और सुरक्षित आश्रय तक पहुंचने का जरिया बनी। ‘ऑपरेशन सेवा’ के तहत की गई यह पहल ड्यूटी के साथ मानवीय संवेदना की तस्वीर भी सामने लाती है।
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS










