क्या पपीते के पत्तों का रस वाकई डेंगू ठीक कर सकता है? डॉक्टर ने बताया कितना सही है यह घरेलू इलाज
16 मई को मनाए जा रहे National Dengue Day पर डॉ. सुशीला कटारिया ने पपीते के पत्तों के रस को लेकर फैले भ्रम को दूर किया है।
मानसून के मौसम में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। ऐसे में, बहुत से लोग जल्द ठीक होने की उम्मीद में घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं, जिनमें पपीते के पत्तों का रस सबसे आम है।
हर साल 16 मई को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय डेंगू दिवस लोगों को इस खतरनाक बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। भारत में हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशीला कटारिया ने डेंगू के इलाज को लेकर फैली कई गलतफहमियों पर प्रकाश डाला, खासकर पपीते के पत्तों के रस को लेकर।
डॉ. कटारिया ने कहा कि आमतौर पर लोग मानते हैं कि पपीते के पत्तों का रस पीने से डेंगू तुरंत ठीक हो जाता है और प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ जाते हैं, लेकिन इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण अभी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ छोटे अध्ययनों में इसके हल्के फायदे दिखे हैं, लेकिन इसे डेंगू का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। कई लोग सोशल मीडिया और घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज शुरू कर देते हैं, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू में सबसे जरूरी है समय पर सही इलाज और डॉक्टर की निगरानी। शरीर में पानी की कमी न होने देना, आराम करना और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। डॉ. कटारिया ने बताया कि डेंगू के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से बचना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्लेटलेट्स कम होना डेंगू का एक हिस्सा है, लेकिन केवल प्लेटलेट्स बढ़ाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। मरीज की पूरी स्थिति, ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी का स्तर और अन्य लक्षणों की निगरानी जरूरी होती है। कई बार लोग प्लेटलेट्स की संख्या देखकर घबरा जाते हैं और अनावश्यक उपचार कराने लगते हैं।
राष्ट्रीय डेंगू दिवस का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना है। साफ-सफाई रखना, घर के आसपास पानी जमा न होने देना, पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छरदानी का उपयोग करना डेंगू से बचने के सबसे प्रभावी तरीके हैं।










