‘कई UN एजेंसियों का ठिकाना’, रूस के यूक्रेन पर जोरदार हमले में WHO के दफ्तर को पहुंचा नुकसान

रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमले किए, जिसमें कीव स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का दफ्तर भी क्षतिग्रस्त हो गया।

बीते दिन रविवार को रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमले किए। इन हमलों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का दफ्तर भी डैमेज हो गया। इस पर डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने सीजफायर की अपील की।

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी World Health Organization (WHO) के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने यूक्रेन की राजधानी Kyiv में हुए हमलों को लेकर चिंता जताई है। टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि बीती रात हुए कई हमलों में से एक हमला कीव स्थित WHO के कार्यालय के पास भी हुआ, जिससे दफ्तर को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने नुकसान की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि कार्यालय की तीसरी मंजिल की खिड़कियां टूट गईं और भवन के कुछ हिस्सों को भी क्षति पहुंची है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

WHO प्रमुख ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और मानवीय संस्थानों को संघर्ष के दौरान निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने और नागरिकों तथा स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। यूक्रेन में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार कीव में देर रात कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के चलते अलर्ट जारी किया गया था। हमलों के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सुरक्षा एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं।

झांसी में भी इस खबर को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि युद्ध का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को किसी भी परिस्थिति में सुरक्षित रखा जाना चाहिए क्योंकि युद्ध के समय इन्हीं सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ऊर्जा संकट, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका प्रभाव पहले से देखा जा रहा है। अब स्वास्थ्य संगठनों पर बढ़ते खतरे ने वैश्विक समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है। WHO लगातार यूक्रेन में चिकित्सा सहायता, दवाइयों और आपात स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

टेड्रोस के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी चिंता व्यक्त की है। कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने स्वास्थ्य संस्थानों की

सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल WHO की टीम कीव में स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दफ्तर को हुए नुकसान की मरम्मत तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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