मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष कुमार ने 90 वर्ष की आयु में पूर्व हेड टीटीई स्वर्गीय गंगा प्रसाद यादव को किया था सम्मानित, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने रहे

भारतीय रेलवे के पूर्व हेड टीटीई (मुख्य टिकट परीक्षक) स्वर्गीय गंगा प्रसाद यादव का जीवन ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का अनुपम उदाहरण रहा। उन्होंने वर्ष 1992 में भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने आगरा, मथुरा, भिंड, ग्वालियर, बांदा और झांसी सहित कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

रेलवे सेवा उनके लिए केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि यात्रियों की सेवा और अपने कर्तव्य का पालन करने का माध्यम थी। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और निष्पक्षता को सर्वोच्च स्थान दिया। यही कारण था कि वे सहकर्मियों, अधिकारियों और यात्रियों के बीच एक सम्मानित और आदर्श रेलकर्मी के रूप में पहचाने जाते थे।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को भारतीय रेलवे ने भी सम्मानित किया। भारतीय रेल के “अमृत काल” अभियान के अंतर्गत झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष कुमार ने 90 वर्ष की आयु में पूर्व हेड टीटीई स्वर्गीय गंगा प्रसाद यादव का सम्मान किया। यह सम्मान उनके दशकों लंबे निष्कलंक सेवाकाल, ईमानदारी और भारतीय रेलवे के प्रति उनके अमूल्य योगदान का प्रतीक था।

एक पिता के रूप में उन्होंने अपने परिवार को केवल स्नेह ही नहीं दिया, बल्कि सत्य, ईमानदारी, मेहनत, धैर्य, अनुशासन और अच्छे संस्कारों की ऐसी अनमोल पूंजी दी, जो इस दुनिया की किसी भी भौतिक संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान है। उनका स्नेह, उनकी बुद्धिमत्ता, उनकी सरलता और उनकी सीख आज भी हमारे जीवन के हर कदम पर मार्गदर्शक बनी हुई है।

आज वे हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनके संस्कार और उनके द्वारा दिखाया गया जीवन का मार्ग सदैव हमारे साथ रहेगा। उनका प्यार, उनका धैर्य, उनकी समझ, उनकी बुद्धिमत्ता और उनकी अद्भुत सोच हमारे भीतर हमेशा जीवित रहेगी।

पिताजी, आपने हमें ऐसे अनमोल संस्कार दिए हैं जो इस दुनिया की किसी भी दौलत से अधिक कीमती हैं। आप हमारे लिए केवल पिता ही नहीं, बल्कि आदर्श, प्रेरणा और जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं। आप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।

स्वर्गीय गंगा प्रसाद यादव जी को विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन।

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