रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश, झांसी की अदालत में हुकुमचंद बनाम रेलवे के उप मुख्य अभियंता (टीएमसी लाइन) महावीर प्रसाद कुशवाहा प्रकरण में सुनवाई के दौरान न्यायालय ने महावीर प्रसाद कुशवाहा को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मुख्य अभियंता, टीएमसी लाइन, झांसी तथा थाना नवाबाद से भी मामले में आख्या तलब की गई है।
प्रकरण में हुकुमचंद द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य कार्यालय में कार्य के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा जातिसूचक टिप्पणी करते हुए अपमानित किया गया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को प्रयागराज मुख्यालय से आए जांच अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत रखने के दौरान उन्हें कथित रूप से कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा गया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि घटना के संबंध में थाना नवाबाद में शिकायत देने तथा उच्च पुलिस अधिकारियों को पंजीकृत डाक से सूचना भेजने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय की शरण लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 173(4) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
प्रार्थना पत्र के अवलोकन के बाद न्यायालय ने उप मुख्य अभियंता महावीर प्रसाद कुशवाहा को नोटिस जारी कर आवेदन की प्रति उपलब्ध कराने तथा उनका पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य अभियंता, टीएमसी लाइन, झांसी से संबंधित आख्या तथा थाना नवाबाद से प्रार्थना पत्र के संबंध में रिपोर्ट भी मांगी गई है।
न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 निर्धारित की है। इस तिथि पर संबंधित अधिकारी का जवाब, मुख्य अभियंता की आख्या तथा थाना नवाबाद की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद प्रकरण में आगे की विधिक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
मामला न्यायालय में विचाराधीन है। प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। संबंधित रेलवे अधिकारी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।










