RPF में ‘तबादला एक्सप्रेस’ पर बवाल, TMM सिस्टम की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
हालिया ट्रांसफर आदेशों के बाद कर्मचारियों में चर्चा तेज, निष्पक्षता और नीति के पालन को लेकर उठ रहे हैं सवाल
रिपोर्ट: नवीन यादव
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के रेल सुरक्षा बल (RPF) में हाल ही में जारी तबादला आदेशों ने एक बार फिर ट्रांसफर प्रक्रिया को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ट्रांसफर मैनेजमेंट मॉड्यूल (TMM) लागू होने के बावजूद कर्मचारियों के बीच इसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई रेलकर्मियों का कहना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद भी अपेक्षित पारदर्शिता पूरी तरह दिखाई नहीं दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, हालिया स्थानांतरण सूची में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कर्मचारियों द्वारा वरिष्ठता, कार्यकाल, विकल्प और निर्धारित नीति के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कर्मचारी वर्ग में यह चर्चा भी है कि यदि पूरी प्रक्रिया TMM के माध्यम से संचालित हो रही है तो प्रत्येक तबादले का आधार भी स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए, जिससे किसी प्रकार की शंका की स्थिति न बने।
कर्मचारियों का मानना है कि TMM का उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम कर निष्पक्ष और पारदर्शी तबादला व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन हालिया आदेशों के बाद कई निर्णय विवादों में आ गए हैं। यही कारण है कि विभिन्न स्तरों पर ट्रांसफर प्रक्रिया की समीक्षा और अधिक पारदर्शिता की मांग उठ रही है।
रेलकर्मियों का कहना है कि यदि सभी स्थानांतरण रेलवे बोर्ड की निर्धारित नीति और TMM के मानकों के अनुरूप हुए हैं तो संबंधित मापदंडों और प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक किए जाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों का भरोसा भी मजबूत होगा और भविष्य में अनावश्यक विवादों की संभावना कम होगी।
फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच तबादलों को लेकर चर्चाएं और सवाल लगातार जारी हैं। अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य में ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
(अस्वीकरण: इस समाचार में उल्लिखित आरोप एवं दावे कर्मचारियों के बीच चल रही चर्चाओं और प्राप्त जानकारियों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)










