वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई: हुलिया बदला, नाम बदला… फिर भी नहीं बच सके अपराधी, आरपीएफ ने 6 स्थायी वारंटियों को दबोचा
रिपोर्ट: नवीन यादव
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने आधुनिक डिजिटल तकनीक की सहायता से लंबे समय से फरार चल रहे छह स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अपराधियों ने कानून से बचने के लिए अपना हुलिया, नाम और निवास स्थान तक बदल लिया था, लेकिन आरपीएफ की तकनीकी जांच के सामने उनकी सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं।
इस संयुक्त अभियान को भोपाल एवं इटारसी आरपीएफ पोस्ट की टीमों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान अंतर-संबद्ध आपराधिक न्याय प्रणाली तथा अपराध एवं अपराधी निगरानी तंत्र के माध्यम से आरोपियों के पुराने फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफ और आपराधिक अभिलेखों का मिलान किया गया। डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उनकी वास्तविक पहचान स्थापित की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इटारसी आरपीएफ पोस्ट में निरीक्षक मनीष कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में तीन स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि भोपाल आरपीएफ पोस्ट पर निरीक्षक मनीष कुमार की टीम ने तीन अन्य फरार वारंटियों को दबोचकर न्यायालय में पेश किया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक डिजिटल तकनीक के कारण अब अपराधियों के लिए पहचान बदलकर कानून की गिरफ्त से बच निकलना लगभग असंभव हो गया है। अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, डिजिटल साक्ष्यों और आधुनिक जांच प्रणाली के माध्यम से उसकी परतें खुल ही जाती हैं।
यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो नाम, हुलिया या पता बदलकर कानून से बचने की कोशिश करते हैं। आरपीएफ की आधुनिक तकनीक और प्रभावी कार्यप्रणाली के सामने ऐसी सभी कोशिशें अंततः विफल साबित होंगी।










