राजस्थान–मिथिलांचल को नई रेल सौगात, 21 जून को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रवाना करेंगे अमृत भारत एक्सप्रेस

 

रिपोर्ट: नवीन यादव

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान और मिथिलांचल के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 21 जून 2026 को खातीपुरा (जयपुर)–दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन विशेष रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली यह नई रेल सेवा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों यात्रियों को तेज, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का नया विकल्प उपलब्ध कराएगी।

उद्घाटन विशेष के रूप में गाड़ी संख्या 09711 खातीपुरा–दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस स्पेशल 21 जून को शाम 4:45 बजे खातीपुरा से रवाना होगी और 22 जून को शाम 6:55 बजे दरभंगा पहुंचेगी।

इसके बाद नियमित संचालन के तहत गाड़ी संख्या 19725/19726 खातीपुरा–दरभंगा–खातीपुरा अमृत भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 19725 22 जून से प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को छोड़कर रात 10:30 बजे खातीपुरा से प्रस्थान कर अगले दिन रात 12:55 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 19726 23 जून से प्रत्येक सप्ताह रविवार को छोड़कर सुबह 4:30 बजे दरभंगा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 8:40 बजे खातीपुरा पहुंचेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन का ठहराव दौसा, बांदीकुई, मंडावर महुवा रोड, भरतपुर, आगरा ईदगाह, टूंडला, इटावा, कानपुर सेंट्रल, उन्नाव, ऐशबाग, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, कप्तानगंज, बगहा, नरकटियागंज, सिकटा, रक्सौल, बैरगनिया, सीतामढ़ी, जनकपुर रोड और कमतौल सहित अनेक प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है। इससे राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर बिहार के बड़े हिस्से को सीधा लाभ मिलेगा।

रेल मंत्रालय के अनुसार यह नई रेल सेवा रोजगार, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। वर्तमान में अजमेर–दरभंगा के बीच केवल साप्ताहिक रेल सेवा उपलब्ध है, जबकि नई अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन उसी समय-सारिणी पर संचालित होकर यात्रियों को अधिक नियमित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी। इससे जयपुर और दरभंगा के बीच लगभग प्रतिदिन रेल संपर्क उपलब्ध हो सकेगा।

जयपुर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए प्रसिद्ध है, जबकि दरभंगा मिथिला संस्कृति, शिक्षा और ऐतिहासिक महत्व का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नई रेल सेवा दोनों क्षेत्रों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी।

इस ट्रेन का प्राथमिक अनुरक्षण खातीपुरा स्थित नवनिर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। लगभग 205 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस अत्याधुनिक अनुरक्षण केंद्र में वंदे भारत, एलएचबी रेक, डेमू तथा अन्य ट्रेनों के रखरखाव की समेकित व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे परिचालन की गुणवत्ता और अनुरक्षण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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