13 साल बाद सख्ती: बिना टिकट यात्रा पर अब ₹500 न्यूनतम जुर्माना, नए नियम तत्काल लागू
रिपोर्ट: नवीन यादव
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने और ट्रेनों में अनुशासन एवं सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘जन विश्वास अधिनियम, 2026’ के तहत दंड प्रावधानों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर अब यात्रियों को न्यूनतम ₹500 का जुर्माना देना होगा। पहले यह राशि ₹250 थी। संशोधित नियम 20 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
रेलवे के नए प्रावधानों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री को केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से लेकर जिस स्टेशन पर पकड़ा गया है, वहां तक का पूरा मूल किराया भी जमा करना होगा। रेलवे का मानना है कि इस कदम से बिना टिकट यात्रा की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगेगा और राजस्व में भी वृद्धि होगी।
अन्य प्रमुख नए प्रावधान
- दूसरे के टिकट पर यात्रा: यदि कोई यात्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी आरक्षित टिकट का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उससे ₹500 का जुर्माना और पूरा किराया वसूला जाएगा।
- महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश: महिला डिब्बे में यात्रा करते पाए जाने वाले पुरुष यात्रियों पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- अन्य रेल अपराध: ट्रेन में धूम्रपान, अवैध वेंडिंग, हुड़दंग या यात्रियों की सुरक्षा एवं व्यवस्था भंग करने जैसी गतिविधियों पर भी कड़े जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जुर्माने की राशि में यह संशोधन लगभग 13 वर्ष बाद किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण करना तथा रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और अनुशासित बनाना है।










