समस्तीपुर मंडल संसदीय समिति की बैठक में रेल विकास और यात्री सुविधाओं पर मंथन  महाप्रबंधक ने गिनाईं समस्तीपुर मंडल की उपलब्धियां, सांसदों ने दिए रेल विकास के सुझाव

रिपोर्ट नवीन यादव

पटना। समस्तीपुर मंडल की मंडल संसदीय समिति की बैठक 20 जून 2026 को महेंद्रू घाट, पटना स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने की।

बैठक में समस्तीपुर मंडल क्षेत्र के सांसदों ने भाग लेते हुए जनहित, रेल विकास, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह, समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा सहित मुख्यालय एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, राज्यसभा सदस्य प्रो. मनोज कुमार झा, सांसद संजय कुमार झा, अखिलेश प्रसाद सिंह, धर्मशिला गुप्ता, राजेश रंजन, दिनेश चंद्र यादव, गोपाल जी ठाकुर, रामप्रीत मंडल, दिलेश्वर कामैत, अशोक कुमार यादव, देवेश चंद्र ठाकुर, सुनील कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, लवली आनंद, वीणा देवी तथा शांभवी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभिन्न सांसदों के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।

सांसदों ने रेल परियोजनाओं को गति देने, यात्री सुविधाओं में वृद्धि, आधारभूत ढांचे के विकास और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही भविष्य की रेल विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने सांसदों एवं उनके प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए समस्तीपुर मंडल की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए छठ पर्व के दौरान 197 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इसके अलावा लंबी दूरी की सुरक्षित, किफायती और आरामदायक यात्रा के लिए पिछले वर्षों में 8 अमृत भारत, 2 वंदे भारत तथा 1 नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया गया, जो समस्तीपुर मंडल से प्रारंभ होती हैं अथवा मंडल से होकर गुजरती हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत 246 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस, 130 जोड़ी पैसेंजर तथा 68 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। अनारक्षित टिकट सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 13 प्रमुख स्टेशनों पर 38 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं। वहीं 40 स्टेशनों पर ‘वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

महाप्रबंधक ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित 22 स्टेशनों के आधुनिकीकरण और विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। बैठक के अंत में उन्होंने सांसदों द्वारा दिए गए सुझावों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव भविष्य की रेल विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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