सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी की पहल से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 18 माह की बच्ची को मिला निःशुल्क उपचार का सहारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अलीगढ़ किया गया रेफर, अति कुपोषित श्रेणी में चिन्हित होने पर हुई गंभीर बीमारी की पहचान
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी, 23 जून। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी के निर्देशन में संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 18 माह की एक बच्ची को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बच्ची को बेहतर उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज पूरी तरह निःशुल्क कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद के प्रत्येक विकासखंड में दो मोबाइल स्वास्थ्य टीमें कार्यरत हैं। ये टीमें वर्ष में दो बार आंगनबाड़ी केंद्रों तथा वर्ष में एक बार सरकारी विद्यालयों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। जांच के दौरान जन्मजात बीमारियों सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. रमाकांत स्वर्णकार ने बताया कि गुरसराय विकासखंड के ग्राम मैगांव बंका पहाड़ी निवासी प्रकाश नारायण की 18 माह की पुत्री को लंबे समय से सांस लेने में परेशानी हो रही थी। बच्ची का पंजीकरण आंगनबाड़ी केंद्र पर था। माइक्रोप्लान के अनुसार डॉ. मुकेश सिंह की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्ची अति कुपोषित श्रेणी में चिन्हित हुई, जिसके बाद उसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया।
एनआरसी में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने बच्ची में जन्मजात हृदय रोग की पहचान की। बीमारी की पुष्टि होने के बाद बच्ची को निःशुल्क उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सीएमओ कार्यालय में परिजनों को संदर्भन पर्ची प्रदान की गई, जिसके आधार पर बच्ची का समस्त उपचार निःशुल्क कराया जाएगा।
डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात बीमारियों, कुपोषण एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि उनका स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर डीईआईसी प्रबंधक डॉ. रामबाबू कुमार, गुरसराय टीम के डॉ. मुकेश सिंह तथा बच्ची के माता-पिता उपस्थित रहे।










