नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने से रोका तो हाईकोर्ट का वकील बताकर आरपीएफ जवान को दी धमकी
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी मंडल में । ग्वालियर रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया एवं वीआईपी गेट पर शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने से रोकने पर एक व्यक्ति ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक उप निरीक्षक से अभद्रता की, गाली-गलौज की तथा वर्दी उतरवाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोपी ने स्वयं को ग्वालियर हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताते हुए रेलवे कर्मचारियों को भी धमकाया।
जानकारी के अनुसार, 26 जून 2026 को सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक की ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक अशोक सिंह भदौरिया सर्कुलेटिंग एरिया एवं वीआईपी गेट पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। सुबह करीब 10:35 बजे एक व्यक्ति ने अपना दोपहिया वाहन नो पार्किंग क्षेत्र में खड़ा कर दिया। जब एएसआई ने उसे वाहन हटाने के लिए कहा तो वह नाराज हो गया और बहस करते हुए अभद्र व्यवहार करने लगा।
आरपीएफ कर्मी द्वारा समझाने पर वह कुछ देर के लिए वाहन लेकर चला गया, लेकिन थोड़ी देर बाद दोबारा मौके पर पहुंचकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसने गाली-गलौज करते हुए वर्दी उतरवाने, झूठा मुकदमा दर्ज कराने और कोर्ट में घसीटने की धमकी दी। उसने अपना नाम धर्मेन्द्र जैन बताते हुए स्वयं को ग्वालियर हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताया और कहा कि पुलिस एवं अन्य अधिकारी उसे जानते हैं।
इसके बाद वह अपने साथ आई महिला को ट्रेन में बैठाने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर चला गया। प्लेटफॉर्म प्रवेश द्वार पर टिकट जांच कर रहे रेलवे कर्मचारियों अमित यादव एवं वरिष्ठ सीसीटीसी उपासना सिंह ने उससे टिकट दिखाने के लिए कहा, लेकिन उसने टिकट जांच कराने से इनकार कर दोनों कर्मचारियों को धक्का देकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान उसने रेलवे कर्मचारियों को भी शिकायत कर कोर्ट में खड़ा कराने की धमकी दी।
घटना के बाद आरपीएफ के उप निरीक्षक अवतार सिंह धाकड़ की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत आरपीएफ पोस्ट ग्वालियर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।










