डीआरएम अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में मानसून को लेकर झांसी मंडल सतर्क, पुलों-पुलियों और नालियों की सफाई तेज
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने मानसून के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। तेज बारिश, आंधी-तूफान और संभावित बाढ़ की परिस्थितियों से निपटने के लिए रेलवे ट्रैक, पुल, पुलियों, नालियों और अन्य रेलवे परिसंपत्तियों की विशेष निगरानी के साथ आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। उद्देश्य रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों की संरक्षा तथा रेल सेवाओं का निर्बाध संचालन बनाए रखना है।
रेल प्रशासन के अनुसार मानसून से पहले हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष तैयारी की गई है। झांसी मंडल के घाट खंडों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां संभावित भू-स्खलन और मिट्टी के कटाव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में मलबा वैगनों में तैयार रखा गया है।
मानसून के दौरान संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इंजीनियरिंग अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने तथा मौसम में बदलाव की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील रेलखंडों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक स्थानों पर चौकीदार एवं पेट्रोलमैन तैनात किए गए हैं। ट्रैक की सुरक्षा के लिए मानसून पेट्रोलिंग भी कराई जाएगी।
मंडल में पुलियों और नालियों की सफाई अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। यार्डों और ट्रैक क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मलबा और कचरा हटाया जा रहा है, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी अवरोध के निकल सके और ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो।
विद्युतीकृत रेलखंडों में अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर रेलवे लाइन के आसपास पेड़ों की अनावश्यक शाखाओं की कटाई-छंटाई कराई जा रही है। ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नल प्रणाली और ट्रैक को संभावित नुकसान से बचाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
जहां रेल लाइन ऊंची पहाड़ियों की कटिंग से होकर गुजरती है, वहां ड्रेन क्लीनिंग के साथ नालियों की सफाई और बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे वर्षा का पानी ट्रैक पर न पहुंचकर आसानी से नालियों के माध्यम से निकल सके। संवेदनशील पुलों पर जलस्तर की वास्तविक समय में निगरानी के लिए जलस्तर निगरानी उपकरण भी लगाए गए हैं।
संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सिग्नलिंग केबल की मेगरिंग सहित विभिन्न तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में त्वरित संचार सुनिश्चित करने के लिए वॉकी-टॉकी सेटों को भी पूरी तरह चार्ज रखने की व्यवस्था की गई है।
रेल प्रशासन का कहना है कि उत्तर मध्य रेलवे यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून के दौरान निर्बाध रेल परिचालन बनाए रखने के उद्देश्य से झांसी मंडल लगातार निगरानी कर रहा है तथा मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के साथ समन्वय बनाए रखा जा रहा है।










