जौनपुर के रोहित यादव ने रचा इतिहास, नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ बने देश के नंबर-1 भाला फेंक खिलाड़ी
रिपोर्ट: नवीन यादव
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के लिए गर्व का क्षण है। जिले के प्रतिभाशाली भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया है। रोहित ने विश्व स्तर की रैंकिंग में भी बड़ी छलांग लगाते हुए दुनिया के नंबर-2 भाला फेंक खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय रैंकिंग में नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया है।
रोहित यादव की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके पिता सभाजीत यादव का वर्षों का संघर्ष, त्याग और समर्पण छिपा है। आर्थिक तंगी और भारी कर्ज के बावजूद उन्होंने कभी अपने बेटे के सपनों को टूटने नहीं दिया। परिवार ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन रोहित के प्रशिक्षण और खेल से कोई समझौता नहीं किया।
सभाजीत यादव ने जब रोहित महज छह वर्ष के थे, तभी यह संकल्प ले लिया था कि उनका बेटा देश का बड़ा भाला फेंक खिलाड़ी बनेगा। इसी उद्देश्य से उन्होंने कम उम्र में ही रोहित के हाथों में जेवलिन थमा दिया और लगातार प्रशिक्षण व प्रोत्साहन देते रहे।
रोहित यादव की मेहनत, अनुशासन और पिता के अथक संघर्ष का परिणाम आज पूरे देश के सामने है। उनकी उपलब्धि ने न केवल जौनपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि रोहित का यह प्रदर्शन लगातार जारी रहा तो वह आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत के लिए कई नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं।
रोहित यादव की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह साबित करती है कि मजबूत इरादों, कठोर परिश्रम और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।










