नए नियमों के तहत जुर्माना वसूली पर उठे सवाल, लाइसेंसधारी वेंडरों और ऑटो चालकों ने RPF की कार्रवाई पर जताई आपत्ति वैध दस्तावेज रखने वाले अधिकृत लोगों के विरुद्ध भी प्रशासनिक जुर्माना लगाकर अपनी उपलब्धि दर्शा रही
नए नियमों के तहत जुर्माना वसूली पर उठे सवाल, लाइसेंसधारी वेंडरों और ऑटो चालकों ने RPF की कार्रवाई पर जताई आपत्ति वैध दस्तावेज रखने वाले अधिकृत लोगों के विरुद्ध भी प्रशासनिक जुर्माना लगाकर अपनी उपलब्धि दर्शा रही
रिपोर्ट: नवीन यादव
झाँसी। उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम के तहत लागू नए नियमों के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की जुर्माना वसूली की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लाइसेंसधारी वेंडरों और अधिकृत ऑटो चालकों ने आरोप लगाया है कि RPF नए नियमों की आड़ में वैध दस्तावेज रखने वाले अधिकृत लोगों के विरुद्ध भी प्रशासनिक जुर्माना लगाकर अपनी उपलब्धि दर्शा रही है।
वेंडरों और ऑटो चालकों का कहना है कि उनके पास रेलवे प्रशासन द्वारा जारी वैध लाइसेंस, पहचान-पत्र, मेडिकल प्रमाणपत्र, पुलिस सत्यापन, चरित्र प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं। इसके बावजूद उन्हें स्टेशन परिसर में बार-बार रोककर पूछताछ की जाती है और कई मामलों में प्रशासनिक जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
आरोप है कि हाल के दिनों में झांसी मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर RPF द्वारा की गई कार्रवाई में कुछ ऐसे अधिकृत लाइसेंसधारी भी शामिल रहे, जो सभी निर्धारित नियमों का पालन कर रहे थे। उनका कहना है कि अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई का वे समर्थन करते हैं, लेकिन वैध दस्तावेज रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है। उनका आरोप है कि ऐसी कार्रवाइयों को उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर अपनी पीठ थपथपाई जा रही है।
लाइसेंसधारी वेंडरों और अधिकृत ऑटो चालकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि वैध दस्तावेज रखने वाले अधिकृत व्यक्तियों को अनावश्यक कार्रवाई से राहत दी जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिए जो वास्तव में नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
RPF का पक्ष: इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।










