मुकदमे गिनते-गिनते अब कागज़ थकने वाले हैं, पर ज़ुल्म झेलने वाले दीपक नहीं झुकने वाले हैं : रोहित
रिपोर्ट: नवीन यादव
झांसी। सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनसेवक रोहित यादव हसारी की एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर एक संघर्षपूर्ण संदेश साझा करते हुए लिखा—
“मुकदमे गिनते-गिनते अब कागज़ थकने वाले हैं, पर ज़ुल्म झेलने वाले दीपक नहीं झुकने वाले हैं।”
रोहित यादव हसारी की इस पोस्ट को उनके समर्थक संघर्ष, साहस और अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने के संदेश के रूप में देख रहे हैं। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे बड़ी संख्या में साझा किया जा रहा है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।
हालांकि, पोस्ट में किसी व्यक्ति, संस्था या विशेष प्रकरण का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में इसे रोहित यादव हसारी की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और विचार के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस पोस्ट ने जनचर्चा का रूप ले लिया है। समर्थकों का कहना है कि जनहित और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष का उनका संकल्प आगे भी जारी रहेगा।










