पूरे भारतीय रेल में सुरक्षा का नया अध्याय: त्रिची आरपीएफ की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पहल और हेल्प कियोस्क बने नई मिसाल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त प्रशांत यादव के नेतृत्व में ‘आरपीएफ ड्यूटी असिस्ट’ ऐप और हेल्प कियोस्क से यात्री सुरक्षा को मिली तकनीकी मजबूती
रिपोर्ट: नवीन यादव
तिरुच्चिरापल्ली (चेन्नई), 9 जुलाई। भारतीय रेल में सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक, स्मार्ट और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दक्षिण रेलवे के तिरुच्चिरापल्ली (त्रिची) मंडल के रेलवे सुरक्षा बल ने एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त प्रशांत यादव के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘आरपीएफ ड्यूटी असिस्ट’ मोबाइल ऐप तथा अत्याधुनिक आरपीएफ हेल्प कियोस्क प्रणाली शुरू कर पूरे भारतीय रेल के लिए सुरक्षा का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। यह पहल भारतीय रेल में अपनी तरह की अनोखी मानी जा रही है और भविष्य की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
‘आरपीएफ ड्यूटी असिस्ट’ एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परिचालन मंच है, जो रेलवे सुरक्षा बल के अग्रिम पंक्ति में तैनात जवानों को वास्तविक समय में सुरक्षा संबंधी सूचनाएं, संभावित खतरों के बारे में चेतावनी तथा आवश्यक परिचालन सहायता उपलब्ध कराता है। इससे सुरक्षा कर्मी किसी भी घटना से पहले संभावित जोखिमों का आकलन कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई कर सकते हैं। यह प्रणाली यात्रियों, रेलवे संपत्ति तथा स्टेशन परिसरों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सही समय पर सही सूचना उपलब्ध कराकर सुरक्षा कर्मियों को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए यह प्रणाली संभावित सुरक्षा खतरों का पूर्वानुमान लगाने में भी सहायक है।
यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से त्रिची मंडल ने अत्याधुनिक आरपीएफ हेल्प कियोस्क भी विकसित किया है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त प्रशांत यादव के अनुसार यह पहल पूरे भारतीय रेल में अपनी तरह की अनोखी है। रेलवे स्टेशनों के मुख्य प्रवेश द्वार, प्रतीक्षा कक्ष तथा प्लेटफॉर्म जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थापित इन हेल्प कियोस्क के माध्यम से यात्री चोरी, चिकित्सा आपातस्थिति, उत्पीड़न, संदिग्ध गतिविधियों अथवा अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतें तुरंत दर्ज करा सकते हैं। यात्री अपनी शिकायत के साथ ऑडियो संदेश भी रिकॉर्ड कर सकते हैं, जो तत्काल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष और संबंधित आरपीएफ इकाई तक पहुंच जाता है।
यह हेल्प कियोस्क चौबीसों घंटे सक्रिय रहता है। शिकायत दर्ज होते ही नियंत्रण कक्ष को तत्काल अलर्ट प्राप्त होता है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर यात्री अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर सकते हैं अथवा सीधे आपातकालीन कॉल सुविधा का उपयोग भी कर सकते हैं।
प्रशांत यादव ने बताया कि तिरुच्चिरापल्ली जंक्शन पर सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद 15 नवंबर 2025 से श्रीरंगम रेलवे स्टेशन पर भी हेल्प कियोस्क प्रारंभ किया गया, जहां यह सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। एनएसजी-5 श्रेणी के इस स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्री आते हैं। विशेष रूप से रंगनाथस्वामी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह सुविधा अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है। यहां आरपीएफ चौकी अथवा जीआरपी थाना नहीं होने के बावजूद हेल्प कियोस्क यात्रियों के लिए प्रभावी सुरक्षा माध्यम बना है।
हेल्प कियोस्क के माध्यम से अब तक खोए हुए बैगों की बरामदगी, अगले स्टेशन को तत्काल सूचना भेजने, अधिक किराया वसूलने वाले ऑटो चालकों के विरुद्ध कार्रवाई तथा अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया है। कई यात्रियों की खोई हुई वस्तुएं सुरक्षित बरामद कर उन्हें वापस सौंपी गई हैं।
इसके अतिरिक्त त्रिची रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ऑपरेशन अमानत के माध्यम से यात्रियों का खोया सामान वापस दिलाने तथा ऑपरेशन महिला सुरक्षा के माध्यम से महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे अभियान भी प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं। इन पहलों ने यात्रियों का विश्वास मजबूत करने के साथ रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और तकनीक आधारित बनाया है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त प्रशांत यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘आरपीएफ ड्यूटी असिस्ट’ ऐप और आरपीएफ हेल्प कियोस्क जैसी अभिनव तकनीकी पहल भविष्य में भारतीय रेल के अन्य जोनों एवं मंडलों में भी लागू की जा सकती है। इससे भारतीय रेल की सुरक्षा व्यवस्था अधिक स्मार्ट, सक्रिय, डिजिटल और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप विकसित होगी। त्रिची मंडल की यह पहल पूरे भारतीय रेल में डिजिटल सुरक्षा क्रांति का नया अध्याय मानी जा रही है।










