आरपीएफ इंस्पेक्टरों को मिले नए अधिकार, अब रेलवे परिसर में अनाधिकृत प्रवेश सहित कई उल्लंघनों पर मौके पर ही लगेगी पेनाल्टी संशोधित जन विश्वास अधिनियम के तहत त्वरित कार्रवाई, उल्लंघनकर्ताओं को तत्काल मिलेगी पेनाल्टी की रसीद
रिपोर्ट : नवीन यादव
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे में संशोधित जन विश्वास अधिनियम के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के इंस्पेक्टरों को महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं। अब रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर आरपीएफ इंस्पेक्टर मौके पर ही पेनाल्टी लगा सकेंगे और इसकी आधिकारिक रसीद भी तत्काल उपलब्ध कराएंगे।
इस व्यवस्था के तहत रेलवे परिसर में अनाधिकृत प्रवेश, प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश, रेलवे लाइन या पटरियों को अनधिकृत रूप से पार करना, रेलवे परिसर में अनधिकृत फेरी, वेंडिंग या व्यापार करना, अनधिकृत पोस्टर, बैनर या विज्ञापन लगाना, रेलवे संपत्ति पर अतिक्रमण करना तथा जन विश्वास अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित अन्य छोटे उल्लंघनों पर मौके पर ही पेनाल्टी लगाई जा सकेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छोटे-छोटे उल्लंघनों का त्वरित निस्तारण करना, रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखना तथा यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाना है। कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति को मौके पर ही पेनाल्टी की आधिकारिक रसीद दी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होगी।
हालांकि, चोरी, लूट, डकैती, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, रेलवे संपत्ति की गंभीर चोरी या तोड़फोड़ जैसे गंभीर मामलों में पहले की तरह संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज होगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों का निस्तारण केवल पेनाल्टी लगाकर नहीं किया जाएगा।
उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे परिसर में लागू नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश या अन्य नियमों के उल्लंघन से बचें, ताकि अनावश्यक पेनाल्टी और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।










