थाना प्रभारी चमन सिंह तोमर की अगुवाई में अंतरराज्यीय सांसी गैंग पर बड़ी कार्रवाई मिर्जापुर में ट्रेन चोर गिरोह के चार शातिर गिरफ्तार, ₹2.50 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद सूजे से ट्रॉली बैग खोलकर यात्रियों का सामान उड़ाते थे आरोपी, चारों पर दर्ज मिले कुल 28 मुकदमे
रिपोर्ट : नवीन यादव
मिर्जापुर। ट्रेनों में यात्रियों के ट्रॉली बैग को सूजे की मदद से खोलकर मोबाइल, आभूषण और कीमती सामान चोरी करने वाले अंतरराज्यीय सांसी गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को थाना प्रभारी चमन सिंह तोमर के नेतृत्व में जीआरपी मिर्जापुर, आरपीएफ पोस्ट मिर्जापुर और सीआईबी आरपीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से पांच चोरी के मोबाइल फोन, दो पीली धातु की अंगूठियां, तीन सफेद धातु की पायल और ₹4,900 नकद समेत करीब ₹2.50 लाख कीमत की चोरी की संपत्ति बरामद की गई।
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान 27 जुलाई 2026 को संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि पूर्व में चिन्हित सांसी गैंग के सदस्य 13202 राजगीर जनता एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-2 में यात्रा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दी। ट्रेन के प्लेटफार्म संख्या दो पर करीब 17:04 बजे पहुंचते ही कोच बी-2 की घेराबंदी कर चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेन्द्र राजपूत पुत्र रणधीर सिंह, जॉनी पुत्र रतन राजपूत, मुकेश कुमार पुत्र ओम प्रकाश और सुरेन्द्र पुत्र दीपचन्द, सभी निवासी रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई।
सूजा बना चोरी का हथियार, बैग खोलकर फिर कर देते थे बंद
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ट्रेनों में चोरी करने का तरीका भी बताया। गिरोह के सदस्य यात्रियों के ट्रॉली बैग को सूजे की सहायता से खोलते थे और उसमें रखे मोबाइल फोन, आभूषण तथा अन्य कीमती सामान निकालने के बाद बैग को दोबारा बंद कर देते थे। यात्रियों को चोरी का पता तब चलता था, जब ट्रेन काफी आगे निकल चुकी होती थी।
चारों के खिलाफ कुल 28 मुकदमों का आपराधिक रिकॉर्ड
जांच में आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया। जीआरपी चारबाग, मानिकपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज और फतेहपुर समेत विभिन्न थानों में चोरी और अन्य अपराधों के मामले दर्ज पाए गए हैं। सुरेन्द्र राजपूत के खिलाफ 14, जॉनी के खिलाफ 5, मुकेश कुमार के खिलाफ 5 और सुरेन्द्र पुत्र दीपचन्द के खिलाफ 4 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। चारों के खिलाफ कुल 28 मुकदमों का रिकॉर्ड सामने आया है।
गिरफ्तार आरोपियों को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए जीआरपी मिर्जापुर के सुपुर्द कर दिया गया है। बरामद चोरी की संपत्ति के संबंध में संबंधित थानों को सूचना देकर आरोपियों के अन्य मामलों से जुड़े होने की जांच और शेष चोरी के सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
संयुक्त टीम की कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी चमन सिंह तोमर, आरपीएफ पोस्ट मिर्जापुर; जीआरपी मिर्जापुर के थानाध्यक्ष; उपनिरीक्षक नीरज कुमार ओझा, उपनिरीक्षक रामसिंह यादव, हेड कांस्टेबल प्रभाकर यादव, हेड कांस्टेबल अजय कुमार यादव, कांस्टेबल कुलदीप; आरपीएफ पोस्ट मिर्जापुर से उपनिरीक्षक मनोज कुमार पाण्डेय, कांस्टेबल प्रदीप पाल, कांस्टेबल महेश सिंह; निरीक्षक शिवकुमार सिंह, प्रभारी सीआईबी आरपीएफ प्रयागराज; एएसआई लाखन सिंह, हेड कांस्टेबल जोगिन्द्र पाल सिसोदिया तथा कांस्टेबल विकास कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जीआरपी मिर्जापुर, आरपीएफ पोस्ट मिर्जापुर और सीआईबी प्रयागराज के बीच बेहतर समन्वय के चलते अंतरराज्यीय सांसी गैंग के चार सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी और करीब ₹2.50 लाख की चोरी की संपत्ति की बरामदगी को रेलवे अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।










