वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त राहुल राज जरा इधर भी नजर डालिए—ठाणे से कल्याण, कसारा और इगतपुरी तक ट्रेनों में आखिर किसकी शह पर दौड़ रहे अवैध वेंडर ? चोर पकड़ने में वाहवाही, अब अवैध वेंडरों पर कार्रवाई की बारी!
रिपोर्ट नवीन यादव
मुम्बई। मध्य रेलवे में चोरों की गिरफ्तारी पर रेलवे सुरक्षा बल अपनी पीठ थपथपा सकता है, लेकिन अब एक बड़ा सवाल यह भी है कि ठाणे रेलवे स्टेशन और उसके आसपास से लेकर कल्याण, कसारा और इगतपुरी तक ट्रेनों में कथित रूप से सक्रिय अवैध वेंडरों पर कार्रवाई कब होगी?
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त राहुल राज से सवाल है कि जब रेलवे में चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है, तो फिर रेलवे के नियम-कायदों को खुलेआम धता बताकर ट्रेनों और रेलवे परिसरों में अवैध रूप से वेंडिंग करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
यात्रियों के बीच यह चर्चा भी उठती रही है कि आखिर इन अवैध वेंडरों को ट्रेनों में प्रवेश और लगातार आवाजाही की सुविधा कैसे मिल रही है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन गतिविधियों पर नहीं है, या फिर कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित है?
चोर पकड़ा जाना अच्छी बात है, लेकिन रेलवे की सुरक्षा और व्यवस्था का दायरा इतना छोटा नहीं होना चाहिए कि अवैध वेंडरों को नजरअंदाज कर दिया जाए। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त राहुल राज को चाहिए कि ठाणे से लेकर कल्याण, कसारा और इगतपुरी तक चलने वाली ट्रेनों एवं स्टेशनों पर अवैध वेंडरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर यह साफ संदेश दें कि रेलवे में नियम तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
अब देखना यह है कि चोरों के बाद अवैध वेंडरों पर भी कार्रवाई का डंडा कब चलता है? या फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नजर इन पर पड़ने के लिए भी किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा?










