रेल पथ सुरक्षा उपकरण चुराने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, तीन पुराने मामलों का भी खुलासा थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई
रिपोर्ट : नवीन यादव | VERDICT NEWS
झांसी। रेलवे सुरक्षा बल, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पोस्ट ने रेल पथ सुरक्षा उपकरण चोरी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को रंगे हाथों गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पूछताछ में अभियुक्त ने पूर्व में की गई कई चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया, जिसके आधार पर पहले से दर्ज तीन मामलों का अनावरण हो गया है।
रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार 4 अगस्त 2026 को झांसी–करारी रेलखंड के बीच किलोमीटर संख्या 1134/2ए2–4ए पर तीसरी रेल लाइन में लगे रेल सुरक्षा संवेदक तथा उससे जुड़े उपकरणों के साथ छेड़छाड़ और चोरी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निगरानी व्यवस्था और घेराबंदी की। इस दौरान एक युवक को रेलवे के सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर ही पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हर्ष कुशवाहा पुत्र मुन्ना कुशवाहा निवासी सूती मिल, झांसी के रूप में हुई। उसके कब्जे से रेल लाइन में उपयोग होने वाले चार रेल धुरी गणना सुरक्षा संवेदक बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 28 हजार रुपये बताई गई है। अभियुक्त के विरुद्ध रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने पूर्व में भी इसी स्थान से रेल सुरक्षा संवेदक तथा उनसे जुड़े तारों की चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। उसके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पहले से दर्ज तीन मामलों का भी सफल खुलासा हुआ। इन सभी मामलों में अभियुक्त को विधिक रूप से संबद्ध किया जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा बल ने चोरी किए गए रेल सुरक्षा उपकरण भी बरामद कर लिए हैं।
इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक विजय बहादुर राम, कांस्टेबल संतोष, विकास गुर्जर, रवि यादव, लखनलाल मीणा तथा सुशील कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई से न केवल अभियुक्त की गिरफ्तारी हुई, बल्कि उसकी निशानदेही पर रेल सुरक्षा उपकरण चोरी से जुड़े तीन पुराने मामलों का भी सफल अनावरण हुआ, जो रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।










