आबकारी विभाग ने चार माह में जुटाए 20,862 करोड़ रुपये, अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई अप्रैल से जुलाई के बीच 20,862.42 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व, पिछले वर्ष से 12.27 प्रतिशत अधिक जुलाई में 5,052.86 करोड़ रुपये की आय, सरकार ने 71,278 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य रखा झांसी, उन्नाव, रायबरेली, गोरखपुर और बलिया समेत कई जिलों में आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस का संयुक्त अभियान, अवैध शराब के कारोबारियों पर कसा शिकंजा
रिपोर्ट नवीन यादव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) में 20,862.42 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आबकारी राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.27 प्रतिशत अधिक है। जुलाई माह में ही विभाग ने 5,052.86 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पिछले वर्ष के जुलाई माह की तुलना में 16.04 प्रतिशत अधिक है।
प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 71,278 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। शुरुआती चार महीनों के बेहतर प्रदर्शन से विभाग लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। साथ ही प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया जा रहा है।
झांसी, उन्नाव, रायबरेली, गोरखपुर और बलिया सहित कई जिलों में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने लगातार छापेमारी कर अवैध शराब के कारोबारियों पर शिकंजा कसा। कार्रवाई के दौरान सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि भारी मात्रा में कच्ची शराब, लहन और अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त सामग्री को नष्ट किया गया। विभाग का कहना है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।










