झांसी ने रचा इतिहास, देशभर में अपनाया जाएगा यहां विकसित आधुनिक ब्रेक वैन मॉडल रेलवे बोर्ड ने जारी किए राष्ट्रीय निर्देश, मालगाड़ियों के ट्रेन मैनेजरों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं 360 डिग्री घूमने वाली सीट, सौर ऊर्जा प्रणाली, आधुनिक केबिन और नई सुरक्षा सुविधाओं से बदलेगी कार्य संस्कृति
रिपोर्ट : नवीन यादव | VERDICT NEWS
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी वैगन मरम्मत कारखाने ने भारतीय रेलवे को एक ऐसी सौगात दी है, जो आने वाले समय में देशभर के हजारों मालगाड़ी ट्रेन मैनेजरों (पूर्व में गार्ड) की कार्यशैली और सुविधाओं में बड़ा बदलाव लाएगी। कारखाने ने संशोधित ब्रेक वैन (बीवीजेडआई एवं बीवीसीएम) का पहला सफल प्रोटोटाइप तैयार किया है। इसकी विशेषताओं और उपयोगिता को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इसे राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्वीकार कर सभी जोनल रेलों को इसी डिजाइन के अनुरूप ब्रेक वैनों का उन्नयन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार अब संसाधन योजना (आरएसपी) के तहत पीओएच (आवधिक ओवरहाल) और आरओएच (रूटीन ओवरहाल) के दौरान बीवीजेडआई एवं बीवीसीएम ब्रेक वैनों का आधुनिकीकरण झांसी वैगन मरम्मत कारखाने द्वारा विकसित मॉडल के अनुसार किया जाएगा। यह निर्णय मालगाड़ी संचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और कर्मचारी-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वर्षों पुरानी मांग को मिला समाधान
मालगाड़ियों के ट्रेन मैनेजर लंबे समय से ब्रेक वैन में बेहतर बैठने की व्यवस्था, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग कर रहे थे। झांसी वैगन मरम्मत कारखाने ने इन सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा प्रोटोटाइप तैयार किया है, जिसे रेलवे बोर्ड ने पूरे देश के लिए उपयुक्त माना है। ट्रेन मैनेजरों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारी हित में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी नई ब्रेक वैन
नई ब्रेक वैन में पहली बार 360 डिग्री घूमने वाली आरामदायक कुर्सी तथा विशेष फुट रेस्ट लगाया गया है, जिससे लंबी दूरी की ड्यूटी के दौरान ट्रेन मैनेजरों को अधिक सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें सोलर पैनल, संयुक्त नियंत्रण इकाई तथा 12.8 वोल्ट, 110 एम्पियर-घंटा क्षमता की लिथियम फेरो फॉस्फेट बैटरी लगाई गई है। इससे पंखे और प्रकाश व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होगी तथा ऊर्जा की बचत भी होगी।
केबिन को भी बनाया गया अत्याधुनिक
ब्रेक वैन के केबिन को पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इसमें आकर्षक ग्राफिक फिल्म, टिकाऊ पॉलीअमाइड एपॉक्सी फर्श, बेहतर गुणवत्ता वाला शौचालय, वॉकी-टॉकी स्टैंड, बोतल होल्डर, कोट हुक, ग्रैब हैंडल और यूनिवर्सल चाबी वाला सुरक्षित डोर लॉक जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इन सुधारों से ट्रेन मैनेजरों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।
महाप्रबंधक ने स्वयं की निगरानी
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इस परियोजना की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। उन्होंने झांसी वैगन मरम्मत कारखाने की टीम की सराहना करते हुए कहा कि ट्रेन मैनेजर मालगाड़ियों के सुरक्षित संचालन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनका कार्य वातावरण बेहतर बनाना रेलवे की प्राथमिकता है। नया ब्रेक वैन न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ाएगा बल्कि मालगाड़ियों के सुरक्षित संचालन को भी और अधिक सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने कहा कि झांसी कारखाने द्वारा विकसित यह मॉडल भारतीय रेलवे में तकनीकी नवाचार और कर्मचारी कल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे अब पूरे देश में लागू किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएं
– 360 डिग्री घूमने वाली आरामदायक कुर्सी।
– विशेष फुट रेस्ट की सुविधा।
– सौर ऊर्जा आधारित पंखे और प्रकाश व्यवस्था।
– 12.8 वोल्ट, 110 एम्पियर-घंटा क्षमता की लिथियम फेरो फॉस्फेट बैटरी।
– आधुनिक एवं आकर्षक केबिन।
– टिकाऊ पॉलीअमाइड एपॉक्सी फर्श।
– बेहतर गुणवत्ता वाला शौचालय।
– वॉकी-टॉकी स्टैंड, बोतल होल्डर, कोट हुक और ग्रैब हैंडल।
– यूनिवर्सल चाबी वाला सुरक्षित डोर लॉक।
झांसी वैगन मरम्मत कारखाने की यह उपलब्धि केवल उत्तर मध्य रेलवे ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय रेलवे के लिए गौरव का विषय बन गई है। रेलवे बोर्ड के राष्ट्रीय स्तर पर इसे लागू करने के फैसले से अब देशभर के हजारों ट्रेन मैनेजर आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक कार्य वातावरण में अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।










