अतीक अहमद का परिवार और झांसी का ऐसा कनेक्शन, जो सोचने पर मजबूर कर देता है 2023 से 2026 तक तीन बड़ी घटनाएं, हर बार झांसी बना घटनाओं का केंद्र पहले असद का एनकाउंटर, फिर अली की जेल शिफ्टिंग और अब अबान की सड़क दुर्घटना में मौत
रिपोर्ट नवीन यादव VERDICT NEWS
झांसी। कभी उत्तर प्रदेश की अपराध और राजनीति की दुनिया में बड़ा नाम रहे अतीक अहमद के परिवार की पिछले तीन वर्षों की घटनाओं पर नजर डालें तो एक ऐसा संयोग सामने आता है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अतीक परिवार से जुड़ी तीन बड़ी और दुखद घटनाओं का केंद्र किसी न किसी रूप में झांसी रहा है। हालांकि इसे केवल घटनाओं का संयोग ही माना जा सकता है, लेकिन इन घटनाओं की कड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है।
पहली घटना : झांसी में असद का एनकाउंटर
13 अप्रैल 2023 को उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल अतीक अहमद के बेटे असद अहमद को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने झांसी के बड़ागांव क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया। यह घटना देशभर में सुर्खियों में रही और इसके दो दिन बाद प्रयागराज में अतीक अहमद तथा उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई।
दूसरी घटना : अली का झांसी जेल से जुड़ाव
इसके बाद अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को सुरक्षा कारणों और प्रशासनिक निर्णय के तहत प्रयागराज से झांसी मंडल की जेल में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद झांसी का नाम एक बार फिर अतीक परिवार से जुड़ गया।
तीसरी घटना : अबान की सड़क दुर्घटना में मौत
अब 6 अगस्त 2026 को अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी जनपद में पूंछ थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने जेल में बंद भाई से मिलने झांसी आ रहा था। दुर्घटना में उसके एक साथी की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना जा रहा है।
संयोग जिसने लोगों का ध्यान खींचा
असद का झांसी में एनकाउंटर, अली का झांसी जेल से जुड़ना और अबान की झांसी में सड़क दुर्घटना में मौत—इन तीन घटनाओं ने झांसी का नाम अतीक अहमद के परिवार के साथ बार-बार जोड़ दिया है। यही वजह है कि इन घटनाओं को लेकर आम लोगों के बीच चर्चा तेज है।
हालांकि इन घटनाओं के बीच किसी प्रकार का कारणात्मक संबंध स्थापित करने का कोई प्रमाण नहीं है। फिर भी यह संयोग इतना असामान्य है कि लोग इसे याद कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अतीक अहमद के परिवार के लिए झांसी अब उनकी सबसे दर्दनाक यादों का शहर बन चुका है।










