10 अगस्त को रेलवे बोर्ड का आदेश, पदोन्नति की दो साल की सेवा पर स्थिति साफ रेल कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण, सेवा अवधि पूरी होने के नियम पर बोर्ड ने दिए स्पष्ट निर्देश
रिपोर्ट नवीन यादव नौ
नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में रेलवे बोर्ड ने 10 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। भारतीय रेल स्थापना नियमावली के नियम 214 के तहत पदोन्नति के लिए आवश्यक सेवा अवधि को लेकर उत्तर रेलवे की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण के जवाब में बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
रेलवे बोर्ड के पत्र संख्या ई(एनजी)/2026/पीएम-1/24 में कहा गया है कि तत्काल निचले पद पर कम से कम दो वर्ष की सेवा पूरी करना पदोन्नति के लिए जरूरी है। बिना किसी अंतराल के की गई अस्थायी सेवा को भी नियमित सेवा के साथ जोड़कर सेवा अवधि में शामिल किया जाएगा।
पदोन्नति के समय पूरी होनी चाहिए दो साल की सेवा
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दो वर्ष की सेवा की शर्त केवल पदोन्नति के लिए कर्मचारी के नाम पर विचार किए जाने के समय पूरी होना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी की पदोन्नति वास्तव में किए जाने के समय तक दो वर्ष की निर्धारित सेवा पूरी होनी चाहिए।
इसका सीधा अर्थ है कि यदि कर्मचारी की दो वर्ष की सेवा पदोन्नति दिए जाने की तारीख तक पूरी हो जाती है, तो वह निर्धारित सेवा अवधि की शर्त पूरी करता है।
रिक्तियों के आकलन को लेकर भी स्थिति साफ
रेलवे बोर्ड ने रिक्त पदों के आकलन की अवधि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। उच्च पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित दो वर्ष की सेवा की शर्त उस अवधि में पूरी होनी चाहिए, जिसके लिए रिक्त पदों का आकलन किया जा रहा है।
चयन के आधार पर भरे जाने वाले पदों के लिए 15 महीने, जबकि गैर-चयन वाले पदों के लिए 12 महीने की अवधि को ध्यान में रखकर रिक्तियों का आकलन किया जाएगा।
पहले निपटाए जा चुके मामले नहीं खुलेंगे
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन पुराने मामलों में पहले ही निर्णय लिया जा चुका है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा। नए स्पष्टीकरण के आधार पर पहले से निपटाए गए मामलों की समीक्षा नहीं की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों को जारी निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
पदोन्नति प्रक्रिया में आएगी एकरूपता
रेलवे कर्मचारियों के लिए रेलवे बोर्ड का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा अवधि को लेकर अलग-अलग स्तर पर बनी स्थिति अब स्पष्ट होने की उम्मीद है। इससे पदोन्नति के मामलों में नियमों की एक समान तरीके से व्याख्या करने में मदद मिलेगी और कर्मचारियों के बीच बना भ्रम भी दूर होगा।
अब पदोन्नति के लिए सबसे अहम शर्त यह है कि कर्मचारी ने तत्काल निचले पद पर दो वर्ष की निर्धारित सेवा पूरी की हो और यह अवधि पदोन्नति के वास्तविक समय तक पूरी हो चुकी हो।










