भगवा वेशभूषा की आड़ में छिपे चेहरों पर शिकंजा, झांसी स्टेशन से 41 चिन्हित स्वतंत्रता दिवस से पहले आरपीएफ-जीआरपी का बड़ा अभियान, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सोमवार को आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त रूप से विशेष सुरक्षा अभियान चलाया। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्मों और यात्री क्षेत्रों में सघन जांच-पड़ताल के दौरान 27 पुरुष, 11 महिलाएं और 3 बच्चों सहित कुल 41 लोगों को चिन्हित किया गया।
उत्तर मध्य रेलवे के महानिरीक्षक प्रदीप कुमार गुप्ता एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, झांसी जितेंद्र कुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं निर्देशन तथा उच्चाधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों के अनुपालन में अभियान चलाया गया।
निरीक्षक आरपीएफ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी योगेश राणा एवं थाना प्रभारी जीआरपी झांसी विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने स्टेशन परिसर तथा प्लेटफॉर्मों पर सघन जांच की। इस दौरान संदिग्ध प्रतीत होने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई तथा उनकी पहचान और आवश्यक सत्यापन की कार्रवाई की गई।
वेशभूषा की आड़ में पहचान छिपाने वालों पर विशेष नजर
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किसी असामाजिक या अवांछित तत्व द्वारा साधु, भिक्षुक अथवा अन्य वेशभूषा का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने या किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की आशंका को देखते हुए अभियान के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई। ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए आवश्यक पूछताछ और सत्यापन किया गया।
41 लोगों को सेवा सदन पहुंचाया
अभियान के दौरान चिन्हित किए गए 41 लोगों में 27 पुरुष, 11 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। आवश्यक प्रक्रिया के तहत इन्हें शक्ति एजुकेशन एंड वेलफेयर एसोसिएशन एवं जिला समाज कल्याण विभाग, झांसी के सहयोग से भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की स्माइल परियोजना के अंतर्गत सेवा सदन शेल्टर होम, ज्योति नगर, वार्ड नंबर-1, हंसारी, झांसी पहुंचाया गया।
संबंधित लोगों के आवश्यक दस्तावेजीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रिया प्रगति पर है।
15 अगस्त तक स्टेशन पर चौकसी और कड़ी
स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी द्वारा स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सघन जांच और निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर ऐसे किसी भी व्यक्ति पर है, जो अपनी पहचान छिपाकर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है।










