गढ़मऊ में 750 लीटर डीजल चोरी के मामले में वांछित आरोपी ने किया आत्मसमर्पण आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा की निगरानी में वांछित आरोपी ने किया आत्मसमर्पण योगेश राणा की सख्त निगरानी में आरपीएफ की कार्रवाई, 750 लीटर डीजल चोरी के मामले में आरोपी पहुंचा थाना आगरा मंडल के स्टेशन मास्टर प्रकरण को देखते हुए आरपीएफ के उच्च अधिकारियों ने फूंक-फूंक कर बढ़ाए कदम, साक्ष्य जुटाकर गोपनीय तरीके से की कार्रवाई
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। गढ़मऊ रेलवे स्टेशन यार्ड में रेलवे के 750 लीटर एचएसडी तेल की चोरी के मामले में वांछित चल रहे आरोपी अभिषेक ने 17 अगस्त को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्थित रेलवे सुरक्षा बल थाना में आत्मसमर्पण कर दिया। रेलवे सुरक्षा बल थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा की निगरानी में आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई 2026 की रात करीब 8:48 बजे झांसी मंडल के गढ़मऊ रेलवे स्टेशन यार्ड की लूप लाइन संख्या पांच पर खड़े तेल टैंक से डीजल चोरी की सूचना मंडलीय सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से मिली थी। सूचना पर उपनिरीक्षक अंकित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान शैलेन्द्र झांसिया को रेलवे का तेल चोरी करते हुए मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार शैलेन्द्र ने अपने फरार साथियों के नाम बताए, जिनमें अभिषेक का नाम भी सामने आया। इसके बाद अभिषेक को मामले में वांछित घोषित किया गया था।
17 अगस्त को अभिषेक ने वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्थित रेलवे सुरक्षा बल थाना के कार्यालय में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
बताया जा रहा है कि आगरा मंडल में सामने आए स्टेशन मास्टर प्रकरण को देखते हुए इस पूरे मामले की जानकारी रेलवे सुरक्षा बल के उच्च अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशन में बेहद सतर्कता के साथ कदम बढ़ाए गए। संभावित कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए जांच से जुड़े एक-एक साक्ष्य को जुटाया गया, कार्रवाई की गोपनीयता बनाए रखी गई और सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही वांछित आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
मामला रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3, अपराध संख्या 16/2026 के तहत दर्ज है। चोरी की गई रेलवे संपत्ति में 750 लीटर एचएसडी तेल शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 67,500 रुपये बताई गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान कोई रेलवे संपत्ति बरामद नहीं हुई।
रेलवे सुरक्षा बल ने न्यायालय से आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।










