नोटिफाइड एरिया में सोशल मीडिया की आड़ में तथाकथित पत्रकारों का वीडियो बनाने का खेल रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में वीडियो बनाकर ट्विटर-फेसबुक पर खबरें पोस्ट करने की आड़ में रुपए वसूली के आरोप, रेलवे प्रशासन से निगरानी और जांच की मांग

 

झांसी रेलवे स्टेशनों और यात्री ट्रेनों में सोशल मीडिया के नाम पर वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर खबरें पोस्ट करने वाले कुछ तथाकथित पत्रकारों की गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ लेकर स्टेशन परिसर और ट्रेनों में वीडियो बनाते हैं और इसके बाद संबंधित लोगों पर दबाव बनाकर रुपए वसूलने का प्रयास करते हैं।

ऐसी गतिविधियों से वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों की छवि भी प्रभावित होती है। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में पत्रकारिता अथवा सोशलनोटिफाइड एरिया में सोशल मीडिया की आड़ में तथाकथित पत्रकारों का वीडियो बनाने का खेल

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में वीडियो बनाकर ट्विटर-फेसबुक पर खबरें पोस्ट करने की आड़ में रुपए वसूली के आरोप, रेलवे प्रशासन से निगरानी और जांच की मांग

रेलवे स्टेशनों और यात्री ट्रेनों में सोशल मीडिया के नाम पर वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर खबरें पोस्ट करने वाले कुछ तथाकथित पत्रकारों की गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ लेकर स्टेशन परिसर और ट्रेनों में वीडियो बनाते हैं और इसके बाद संबंधित लोगों पर दबाव बनाकर रुपए वसूलने का प्रयास करते हैं।

ऐसी गतिविधियों से वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों की छवि भी प्रभावित होती है। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में पत्रकारिता अथवा सोशल मीडिया के नाम पर वीडियो बनाने वालों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो के माध्यम से दबाव बनाकर अवैध वसूली किए जाने की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

रेलवे प्रशासन इस ओर विशेष ध्यान आकर्षित करे, ताकि पत्रकारिता की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जा सके और यात्रियों तथा रेलवे कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव से बचाया जा सके।

रिपोर्ट: नवीन यादव मीडिया के नाम पर वीडियो बनाने वालों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो के माध्यम से दबाव बनाकर अवैध वसूली किए जाने की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

रेलवे प्रशासन इस ओर विशेष ध्यान आकर्षित करे, ताकि पत्रकारिता की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जा सके और यात्रियों तथा रेलवे कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव से बचाया जा सके।

रिपोर्ट: नवीन यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *