रेलवे लाइन पर पुल की मांग, किसानों ने झांसी डीआरएम को सौंपा ज्ञापन रेलवे लाइन के दूसरी ओर खेतों तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने की मांग गेट नंबर 345 और पिलर संख्या 1078/15-17 व 1078/16-18 पर रास्ते की मांग डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने मौके पर टीम भेजकर जांच और समस्या के समाधान का दिया आश्वासन किसानों का आरोप—रेलवे लाइन पार कर खेतों तक पहुंचना बना जानलेवा, पहले भी हो चुके हादसे
रिपोर्ट: नवीन यादव
झांसी/ललितपुर। तालबेहट क्षेत्र की ग्राम पंचायत खंडी के मोहल्ला करिला, बंदरेला, गजौरा और आभारा के करीब एक हजार किसान और मजदूर रेलवे लाइन के कारण लंबे समय से परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक को प्रार्थना पत्र सौंपकर रेलवे लाइन के दूसरी ओर स्थित खेतों तक पहुंचने के लिए पुल अथवा सुरक्षित रास्ता बनाए जाने की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई वर्ष पहले रेलवे लाइन निर्माण के लिए उनके पूर्वजों ने अपनी कृषि भूमि दी थी। रेलवे लाइन बनने के बाद कई किसानों के खेत दो हिस्सों में बंट गए और खेतों का एक हिस्सा रेलवे लाइन के दूसरी ओर चला गया। इसके चलते किसानों को खेती-किसानी के कार्यों के लिए बार-बार रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जुताई, बुवाई, निराई, सिंचाई, पशुओं की देखभाल तथा कृषि उपज और अन्य सामान खेतों तक ले जाने में भारी परेशानी होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी व्यस्त रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पूर्व में रेलवे लाइन पार करते समय कई हादसे भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर पहले भी रेलवे के समक्ष मामला उठाया जा चुका है। 14 नवंबर 2025 को MORLY/E/2025/0039657 संदर्भ में स्थल निरीक्षण के बाद व्यवहार्यता रिपोर्ट और रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार पैदल पुल के प्रस्ताव की बात कही गई थी। ग्रामीणों के अनुसार इसके बावजूद अभी तक स्थल निरीक्षण नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों ने मांग की कि गेट नंबर 345 तथा पिलर संख्या 1078/15-17 और 1078/16-18 (अप-डाउन) के पास तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए। किसानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल अथवा सुरक्षित रास्ते का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए रेलवे लाइन पार न करनी पड़े।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने आश्वासन दिया कि मामले में मौके पर टीम भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने समस्या के नियमानुसार समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षित रास्ता बनने से करीब एक हजार किसानों, मजदूरों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। साथ ही रेलवे लाइन पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।
- प्रार्थना पत्र देने वालों में सुंदर लाल, प्रणलाल, कनाई, किशनलाल, श्रीराम प्रसाद, शियाराम, तेज सिंह, जमुना प्रसाद सहित प्रभावित किसान और मजदूर शामिल रहे।










