कैलारस–बीरपुर रेलखंड के लोकार्पण रेलवे की ओर से भोजन की व्यवस्था, फिर भी मची भगदड़  सोशल मीडिया पर भोजन लेने के दौरान अफरा-तफरी का वीडियो वायरल कुछ लोगों का दावा—सुबह से भूखे थे, भोजन मिलते ही मची आपाधापी

 

रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के कैलारस–सबलगढ़–बीरपुर रेलखंड पर आमान परिवर्तन के बाद नई रेल सेवा के विस्तार और रेलखंड के लोकार्पण का कार्यक्रम उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार सहित रेलवे के अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।

एक ओर जहां कार्यक्रम को क्षेत्र के लिए बड़ी रेल उपलब्धि के रूप में देखा गया, वहीं दूसरी ओर समारोह के दौरान भोजन वितरण को लेकर सामने आए वीडियो ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोग भोजन के पैकेट लेने के दौरान जल्दबाजी और आपाधापी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

रेलवे की ओर से की गई थी भोजन की व्यवस्था

बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए रेलवे की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के बाद भोजन वितरण के दौरान बड़ी संख्या में लोग भोजन लेने के लिए पहुंचे। इसी दौरान स्थिति कुछ देर के लिए ऐसी बनी कि भोजन लेने वालों में आपाधापी जैसी स्थिति दिखाई देने लगी।

वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे भोजन लूटने का नाम दिया, जबकि पूरे घटनाक्रम को केवल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष तक पहुंचाना उचित नहीं होगा। वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह रेलवे या आयोजन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

दबी जुबान में बोले—सुबह से थे भूखे

कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने दबी जुबान में अलग तस्वीर बताई। उनका कहना था कि वे सुबह से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे और लंबे समय से भोजन नहीं मिला था। भोजन वितरण शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग एक साथ भोजन लेने के लिए पहुंच गए, जिसके चलते वहां कुछ समय के लिए अव्यवस्था जैसी स्थिति बन गई।

हालांकि इन लोगों के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में यह भी जरूरी है कि आयोजन स्थल पर भोजन वितरण की वास्तविक व्यवस्था और वहां मौजूद लोगों की संख्या को लेकर रेलवे की ओर से स्थिति स्पष्ट की जाए।

बड़ा सवाल—इतने लोगों के लिए पर्याप्त थी व्यवस्था?

लोकार्पण जैसे महत्वपूर्ण सरकारी और रेलवे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग शामिल हुए। ऐसे में भोजन वितरण के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन, अलग-अलग कतारें और व्यवस्थित वितरण की व्यवस्था होना जरूरी माना जाता है।

वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कार्यक्रम में मौजूद लोगों की संख्या के अनुरूप भोजन वितरण की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी या अचानक उमड़ी भीड़ के कारण स्थिति बिगड़ी।

रेलवे की उपलब्धि के बीच व्यवस्था पर चर्चा

कैलारस–बीरपुर रेलखंड का लोकार्पण ग्वालियर–चंबल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेल सेवा के विस्तार से कैलारस, सबलगढ़ और बीरपुर क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में भोजन वितरण से जुड़ा वीडियो सामने आने से मुख्य कार्यक्रम की उपलब्धि के साथ-साथ आयोजन व्यवस्था भी चर्चा में आ गई है।

रेलवे प्रशासन की ओर से यदि वायरल वीडियो और भोजन वितरण की स्थिति को लेकर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण दिया जाता है तो पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों के दावों के आधार पर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।

रिपोर्ट: नवीन यादव
VERDICT NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *