VERDICT NEWS रिपोर्टर ने फोन किया, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन श्रीवास्तव ने नहीं दिया जवाब अवध एक्सप्रेस में पैंट्रीकार मैनेजर और आरपीएफ जवानों में भिड़ंत कागजात और रसीद को लेकर विवाद, चेन पुलिंग के बाद बढ़ा मामला; धक्का-मुक्की और गाली-गलौज का वीडियो वायरल लाखेरी स्टेशन पर मैनेजर और रसोइया उतारे गए, आरपीएफ ने दोनों को किया गिरफ्तार; आज रेलवे कोर्ट में पेशी

रिपोर्ट नवीन यादव

कोटा, पश्चिम मध्य रेलवे। बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस (19037) में रविवार को पैंट्रीकार के कागजात और रसीद को लेकर आरपीएफ तथा पैंट्रीकार मैनेजर के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरपीएफ जवानों और पैंट्रीकार मैनेजर के बीच कथित रूप से धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। आरपीएफ ने पैंट्रीकार मैनेजर और एक रसोइये को गिरफ्तार किया है। दोनों को आज रेलवे कोर्ट में पेश किया गया।

जानकारी के अनुसार, अवध एक्सप्रेस दोपहर करीब एक बजे कोटा स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान आरपीएफ के उपनिरीक्षक सूरज दो जवानों के साथ ट्रेन में पहुंचे और पैंट्रीकार के कागजात की जांच की। जांच के दौरान कुछ कागजात अधूरे बताए गए। इसके बाद आरपीएफ ने जुर्माना जमा कराने की बात कही और पैंट्रीकार के दो रसोइयों को ट्रेन से उतारने का प्रयास किया। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी।

रसोइयों को ले जाने का विरोध करते हुए पैंट्रीकार मैनेजर ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद आरपीएफ और मैनेजर के बीच विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में कथित तौर पर आरपीएफ जवानों और मैनेजर के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। मैनेजर ऊपरी सीट पर चढ़ने के लिए लगे पाइप को पकड़कर बैठा नजर आता है, जबकि जवान उसे अपने साथ ले जाने का प्रयास करते दिखाई देते हैं।

आरोप है कि इसी दौरान मैनेजर की शर्ट के बटन टूट गए और उसकी शर्ट खुल गई। मैनेजर को अपने साथ ले जाने में सफलता नहीं मिलने पर कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

लाखेरी में उतारे गए मैनेजर और रसोइया

घटना की जानकारी आरपीएफ की ओर से कोटा नियंत्रण कक्ष को दी गई। इसके बाद सूचना पर आरपीएफ के अतिरिक्त जवान लाखेरी स्टेशन पहुंचे। ट्रेन के लाखेरी पहुंचने पर मैनेजर और एक रसोइये को उतार लिया गया। दोनों की पहचान कर्मवीर और जान मोहम्मद के रूप में बताई जा रही है। बाद में दोनों को कोटा आरपीएफ पोस्ट लाया गया।

हर महीने रसीद को लेकर भी विवाद

पैंट्रीकार प्रबंधन का काम देख रहे संदीप पांडे के अनुसार, आरपीएफ की ओर से नए नियमों का हवाला देते हुए हर महीने रसीद कटवाने की बात कही गई थी। उनका दावा है कि शुक्रवार को पैंट्रीकार की ओर से दो हजार रुपये की रसीद भी काटी गई थी, जिसे आरपीएफ को दिखाया गया था। इसके बावजूद अतिरिक्त रसीद को लेकर दबाव बनाए जाने से विवाद बढ़ने का आरोप है।

संदीप पांडे के अनुसार, रसोइयों को उतारने के बजाय मैनेजर ने अन्य वेंडरों को ले जाने का सुझाव दिया था और स्वयं भी उनके साथ जाने के लिए तैयार था। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया।

चार महीने में दूसरी घटना का दावा

बताया जा रहा है कि इससे पहले 21 अप्रैल को भी ओखा-गुवाहाटी ट्रेन में चेन पुलिंग को लेकर आरपीएफ और यात्री के बीच विवाद हुआ था। उस घटना में एक यात्री को कोटा स्टेशन पर उतारा गया था। आरोप है कि विरोध करने पर आरपीएफ जवानों ने यात्रियों के साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। दावा है कि उस घटना में शामिल एक जवान रविवार की घटना में भी मौजूद था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन श्रीवास्तव ने फोन पर नहीं दिया जवाब

मामले में आरपीएफ का पक्ष जानने के लिए रिपोर्टर VERDICT NEWS ने वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन श्रीवास्तव को फोन किया। खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।

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