झांसी से निकलने वाली ट्रेनों में साइट पैंटी और पैंटीकार की आड़ में अवैध रूप से बिक रहा पेठा! आईआरसीटीसी की कथित मिलीभगत से मैनेजरों के निजी स्वार्थ का आरोप, कंपनी की साख पर उठे सवाल
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेनों में खान-पान व्यवस्था की आड़ में कथित रूप से अवैध तरीके से पेठा बेचे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइट पैंटी और पैंटीकार की व्यवस्था से जुड़े कुछ मैनेजर अपने निजी स्वार्थ के लिए निर्धारित व्यवस्था से इतर खाद्य सामग्री की बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि कुछ ट्रेनों में यात्रियों को पेठा बेचने का काम कराया जा रहा है, जबकि इसकी अनुमति, आपूर्ति व्यवस्था और संबंधित विक्रेताओं की वैधता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल रेलवे की खान-पान व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है, बल्कि संबंधित कंपनी की साख को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
बताया जा रहा है कि मैनेजरों की कथित मनमानी के चलते कंपनी के नाम और अधिकृत खान-पान व्यवस्था का इस्तेमाल कर निजी स्तर पर लाभ कमाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि ट्रेनों में इस प्रकार की बिक्री किसकी अनुमति से हो रही है और इसकी निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी है या नहीं।
रेलवे यात्रियों के खान-पान से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं और खाद्य सामग्री की निगरानी महत्वपूर्ण है। पूर्व में भी ट्रेनों में अवैध वेंडिंग को लेकर मामले सामने आते रहे हैं।
अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित रेलवे अधिकारियों और कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि पेठा बेचने वाले व्यक्ति अधिकृत हैं या नहीं, उन्हें किसने अनुमति दी और बिक्री से प्राप्त राशि का हिसाब किस स्तर पर रखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आईआरसीटीसी की कथित मिलीभगत और संबंधित मैनेजरों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होने पर ट्रेनों में खान-पान व्यवस्था की आड़ में चल रहे कथित निजी स्वार्थ के खेल का खुलासा हो सकता है।
रिपोर्ट: नवीन यादव










