रेलवे की चादरों की अवैध बिक्री पर कार्रवाई, 930 चादर बरामद उरई आरपीएफ ने तीन लोगों के खिलाफ रेलवे संपत्ति अधिनियम में दर्ज किया मुकदमा, चादरों की अनुमानित कीमत 32,550 रुपये

रिपोर्ट नवीन यादव

झांसी। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा रेलवे संपत्ति की अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन रेलवे सुरक्षा के तहत उरई पोस्ट की टीम ने कार्रवाई करते हुए 930 रेलवे चादरें बरामद की हैं। बरामद चादरों पर उत्तर पश्चिम रेलवे, दक्षिण रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के निशान अंकित पाए गए। मामले में तीन लोगों के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरपीएफ के अनुसार एक ट्वीट के माध्यम से सूचना मिली थी कि जालौन निवासी व्यक्ति द्वारा रेलवे की चादरों को भिण्ड-लहार क्षेत्र में फेरी लगाकर बेचा जा रहा है। सूचना पर सहायक सुरक्षा आयुक्त अशोक कुमार त्यागी, ग्वालियर के निर्देशन में निरीक्षक भिण्ड अभिषेक कुमार यादव, उप निरीक्षक मोठ जयपाल यादव, उप निरीक्षक उरई अंकित कुमार, उप निरीक्षक भिण्ड धीरेंद्र पाल सिंह सहित आरपीएफ कर्मियों की टीम ने भिण्ड-लहार क्षेत्र में जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान जालौन के ग्राम अमखेड़ा निवासी अमरचंद और हेमंत को चिन्हित किया गया। टीम ग्राम अमखेड़ा पहुंची और अमरचंद के घर की तलाशी के दौरान नौ गठानों में कुल 930 चादरें बरामद कीं। इनमें 690 चादरों पर उत्तर पश्चिम रेलवे का 01/2026 का मार्का, 170 चादरों पर दक्षिण रेलवे का 01/2025 का मार्का तथा 70 चादरों पर पूर्वोत्तर रेलवे का 04/2026 का मार्का अंकित पाया गया।

आरपीएफ के मुताबिक अमरचंद ने चादरों से संबंधित बिल प्रस्तुत किए, जिन्हें सत्यापन के लिए टीम उरई स्थित नारायणदास टेक्सटाइल लेकर पहुंची। वहां फर्म संचालक अखिलेश ने स्वेच्छा से अपना गोदाम दिखाया, जिसमें विभिन्न रेलवे के बड़ी मात्रा में रिजेक्टेड चादरें मिलीं। अखिलेश ने कुछ चादरों की खरीद से संबंधित बिल कानपुर और आगरा की फर्मों के प्रस्तुत किए, लेकिन बरामद रेलवे मार्का वाली चादरों से संबंधित बिल प्रस्तुत नहीं कर सका।

मामले में अग्रिम जांच के लिए आरपीएफ पोस्ट उरई में मु.अ.सं. 07/2026, धारा 3 रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत अमरचंद, हेमंत और अखिलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद रेलवे चादरों की अनुमानित कीमत 32,550 रुपये बताई गई है।

 

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