खास सिपहसालारों के तेवर बदले, निरीक्षकों की छवि पर मंडराया संकट! निजी स्वार्थ की कथित दौड़ में आरपीएफ का अनुशासन निशाने पर बातचीत के बदले अंदाज ने बढ़ाई हलचल, समय रहते नहीं चेते तो उठ सकते हैं गंभीर सवाल अंदरखाने चल रही गतिविधियों पर जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह कब पड़ेगी?
रिपोर्ट नवीन यादव VERDICT NEWS
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में रेलवे सुरक्षा बल के बीच कुछ ‘खास सिपहसालारों’ की कथित गतिविधियां अब चर्चा का विषय बनती जा रही हैं। विभागीय हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कुछ कर्मचारी अपने निजी हितों के लिए किस हद तक जाने को तैयार हैं और इसका असर निरीक्षकों की छवि पर क्यों पड़ रहा है?
बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारियों के बातचीत करने के तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है। पहले जहां अधिकारियों के साथ संवाद में अनुशासन और मर्यादा दिखाई देती थी, वहीं अब कथित तौर पर तेवर बदले नजर आने लगे हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं निजी स्वार्थ विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की प्रतिष्ठा पर भारी तो नहीं पड़ रहा।
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि किसी भी सुरक्षा बल में अनुशासन और अधिकारियों के प्रति निर्धारित मर्यादा बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी कर्मचारी की गतिविधियां लगातार नजरअंदाज होती रहें तो आने वाले समय में इसका खामियाजा संबंधित अधिकारी के साथ-साथ पूरे विभाग को भी भुगतना पड़ सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार निरीक्षक और उच्चाधिकारी ऐसे कथित ‘खास सिपहसालारों’ की गतिविधियों पर कब गंभीरता से नजर डालते हैं और विभागीय अनुशासन बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं।










