ओरछा में रेलवे का महामंथन, सांसदों ने रेल प्रशासन को घेरा—जनता की रेल जरूरतों पर दागे सवाल नई ट्रेन, ठहराव और स्टेशनों के विकास की मांगों से गरमाई बैठक ललितपुर से लेकर मुरैना, भिंड और बांदा तक सांसदों ने उठाई रेल सुविधाओं की आवाज
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। ओरछा स्थित ओरछा पैलेस एवं कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को झांसी मंडल की रेल सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर सांसदों तथा उनके प्रतिनिधियों की बैठक हुई। झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह, मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र की रेल जरूरतों को लेकर सांसदों ने नई ट्रेनों, ठहराव, स्टेशन विकास, रेल लाइनों और यात्री सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने झांसी मंडल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मंडल में करीब 4.58 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। यात्री आय से 1016 करोड़ रुपये और माल लदान से करीब 947.15 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।
यात्रियों की मांग को देखते हुए मंडल के 10 स्टेशनों पर 14 जोड़ी ट्रेनों को नए ठहराव दिए गए। मेला, गर्मी, त्योहार और परीक्षा के दौरान 648 विशेष फेरे संचालित किए गए। वंदे भारत समेत दो जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, जबकि चार जोड़ी मेमू ट्रेनों में डिब्बों की संख्या आठ से बढ़ाकर 12 की गई।
तीन बड़े स्टेशनों के पुनर्विकास पर काम
रेलवे के अनुसार वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, ग्वालियर जंक्शन और खजुराहो स्टेशनों को पुनर्विकास योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल 16 स्टेशनों में से छह का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी स्टेशनों पर काम जारी है।
आधारभूत ढांचे के विस्तार के तहत झांसी मंडल में 93 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई। 20 ब्लॉक सेक्शनों में 157.67 किलोमीटर में स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली शुरू की गई। इसके अलावा 68.5 किलोमीटर रेलखंड में कवच प्रणाली लागू की गई है।
सांसदों ने खोला मांगों का पिटारा
बैठक में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की रेल समस्याओं और जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। अनुराग शर्मा ने ललितपुर स्टेशन का विकास जल्द पूरा करने, बरुआसागर स्टेशन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस के ठहराव तथा फाटक संख्या 367, 369 और 341 से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग रखी।
उन्होंने लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर तक विस्तार देने, बीडा को नई रेल लाइन से जोड़ने, भोपाल-लखनऊ के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुंदेलखंड सर्किट ट्रेन चलाने का सुझाव दिया।
भिंड-दतिया सांसद संध्या राय ने बसई स्टेशन पर उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव और भिंड को नई दिल्ली से जोड़ने के लिए नई रेल सेवा शुरू करने का सुझाव दिया।
उरई-जालौन सांसद नारायण दास अहिरवार ने उरई को नई दिल्ली से जोड़ने तथा कोंच से कानपुर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग रखी।
मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने गोवा एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस का मुरैना स्टेशन पर ठहराव तथा ग्वालियर-श्योपुर कला रेलखंड का आमान परिवर्तन जल्द पूरा कर ट्रेन संचालन शुरू करने का सुझाव दिया।
बांदा सांसद कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल ने अतर्रा स्टेशन के विकास और चित्रकूट धाम कर्वी से रामेश्वरम के बीच नई ट्रेन चलाने की मांग रखी।
राज्यसभा सांसद महेश केवट ने ओरछा स्टेशन पर गतिमान एक्सप्रेस और ताज एक्सप्रेस के ठहराव का सुझाव दिया। टीकमगढ़, खजुराहो, ग्वालियर, महोबा और सागर समेत अन्य क्षेत्रों के सांसदों के प्रतिनिधियों ने भी रेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव रखे।
सुझावों पर कार्रवाई का भरोसा
बैठक में नई ट्रेन सेवाओं, ट्रेनों के ठहराव और फेरे बढ़ाने, स्टेशनों के पुनर्विकास, यात्री सुविधाओं, रेल अवसंरचना, नेटवर्क क्षमता, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और स्टेशन परिसर की व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सांसदों को भरोसा दिलाया कि बैठक में मिले सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा। मंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रस्तावों पर स्तर से कार्रवाई की जाएगी, जबकि अन्य प्रस्ताव रेलवे बोर्ड और संबंधित जोनों को भेजे जाएंगे।
बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा ने झांसी मंडल में चल रहे विकास कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया। संचालन उप महाप्रबंधक सामान्य अतुल मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के प्रधान विभागाध्यक्ष, मंडल के शाखाधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने किया।
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS










