बीना-धौलपुर से ट्रेनों में पर्चे, मोबाइल पर ऑर्डर और प्लेटफॉर्म पर कथित डिलीवरी! ई-कैटरिंग की आड़ में कथित नेटवर्क का आरोप, चित्रा चौराहा के रेस्टोरेंट से झाँसी स्टेशन तक सप्लाई के तार जुड़ने की चर्चा पर्चों में वेज से नॉन-वेज तक व्यंजनों की लंबी सूची, मोबाइल नंबरों से ऑर्डर लेने का दावा
रिपोर्ट नवीन यादव
झाँसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में खानपान सप्लाई को लेकर ई-कैटरिंग के नाम पर कथित अवैध नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क का कथित जुड़ाव पुलिया नंबर नौ क्षेत्र से बताया जा रहा है। वहीं चित्रा चौराहा स्थित एक रेस्टोरेंट से भोजन तैयार कर स्टेशन और ट्रेनों तक पहुंचाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पर्चों से शुरू होता है कथित खेल
बताया जा रहा है कि बीना और धौलपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों को खानपान के पर्चे बांटे जाते हैं। पर्चों पर मोबाइल नंबरों के साथ पंजाब ढाबा, शेर-ए-पंजाब होटल सहित अन्य खानपान प्रतिष्ठानों के नाम दर्ज होने की बात कही जा रही है। इनमें शाही पनीर, मटर पनीर, दाल तड़का, दाल मखनी, मिक्स वेज, राजमा और चना मसाला के साथ चिकन करी, चिकन बिरयानी, मटन करी, अंडा करी और एग बिरयानी जैसे व्यंजनों की सूची होने की जानकारी है।
मोबाइल पर ऑर्डर, झाँसी में कथित डिलीवरी
सूत्रों के मुताबिक यात्री पर्चों पर दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर भोजन का ऑर्डर करते हैं। आरोप है कि ऑर्डर मिलने के बाद चित्रा चौराहा क्षेत्र से भोजन स्टेशन तक पहुंचाया जाता है और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को कथित रूप से डिलीवरी दी जाती है।
रेलवे की अनुमति पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि संबंधित सप्लायर रेलवे से अधिकृत नहीं हैं तो उन्हें स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म तक प्रवेश कैसे मिल रहा है? बीना-धौलपुर से पर्चे बांटने से लेकर मोबाइल पर ऑर्डर, भोजन तैयार करने, सप्लाई और झाँसी स्टेशन पर कथित डिलीवरी तक पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी है। पर्चों पर दर्ज मोबाइल नंबरों, संबंधित प्रतिष्ठानों और सप्लायरों की जांच से मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS










