भोपाल स्टेशन पर ₹200 का ‘ओरिजिनल’ पिज्जा! यात्री ने पूछा तो वेंडर ने कहा हां, खाते ही स्वाद ने खोल दी पोल सोमनाथ एक्सप्रेस में सफर के दौरान स्टेशन से खरीदा पनीर कैप्सिकम पिज्जा चाय-समोसे की तरह पिज्जा बेच रहे वेंडरों की वैधता और खाद्य गुणवत्ता पर उठे सवाल रेलवे की निगरानी पर सवाल—यात्रियों को क्या और किस नाम से बेचा जा रहा है?

रिपोर्ट नवीन यादव

भोपाल। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले वेंडरों की निगरानी और गुणवत्ता जांच को लेकर एक मामला सवाल खड़े कर रहा है। सोमनाथ एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री ने भोपाल स्टेशन पर एक वेंडर से ‘पनीर कैप्सिकम पिज्जा’ खरीदा और इसके लिए 200 रुपये का भुगतान किया।

यात्री के मुताबिक पिज्जा खरीदने से पहले उसने वेंडर से साफ तौर पर पूछा कि यह ओरिजिनल है या नहीं। वेंडर ने हां में जवाब दिया। भरोसा कर यात्री ने पिज्जा खरीद लिया, लेकिन खाने के बाद उसे स्वाद और गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं लगी। इससे यात्री को काफी निराशा हुई।

ब्रांड के नाम पर भरोसा, गुणवत्ता पर सवाल

मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पिज्जा किसी प्रसिद्ध ब्रांड के अधिकृत प्रतिष्ठान से नहीं खरीदा गया था। स्टेशन पर चाय, समोसा, चिप्स आदि बेचने वाले वेंडरों की तरह कुछ लोग यात्रियों को पिज्जा भी बेच रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि इन खाद्य विक्रेताओं को किस अनुमति के तहत बिक्री की इजाजत है और इनके खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच कौन करता है?

‘ओरिजिनल’ बताने वाले वेंडर की हो जांच

यदि किसी उत्पाद को किसी ब्रांड का असली उत्पाद बताकर बेचा गया है, तो उसकी वास्तविकता की जांच जरूरी है। केवल स्वाद खराब होना अपने आप में नकली उत्पाद का प्रमाण नहीं है, लेकिन यात्री द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर उत्पाद, बिल, वेंडर की अनुमति और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा सकती है।

रेलवे की निगरानी पर बड़ा सवाल

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों की अनुमति, निर्धारित दर, बिलिंग और खाद्य गुणवत्ता की निगरानी संबंधित रेलवे तंत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में यह देखना जरूरी है कि अनधिकृत विक्रेताओं और संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री पर रेलवे की निगरानी कितनी प्रभावी है।

अब सवाल यह है कि भोपाल स्टेशन पर यात्रियों को खाद्य सामग्री बेचने वाले ऐसे वेंडरों का सत्यापन कितना प्रभावी है? क्या संबंधित विभाग इनके लाइसेंस, खाद्य गुणवत्ता, निर्धारित कीमत और बेचे जा रहे उत्पाद की वास्तविकता की नियमित जांच करते हैं? यात्री के अनुभव ने इन सवालों को जरूर सामने ला दिया है।

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