माँ मरघट काली की भव्य चुनरी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा झांसी
झांसी। माँ मरघट काली की भव्य चुनरी यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। यात्रा में करीब 300 से 400 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। माता रानी के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने चुनरी यात्रा में शामिल होकर माँ मरघट काली के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
चुनरी यात्रा का शुभारंभ मुरली मनोहर मंदिर से हुआ। यहां से यात्रा बड़ा बाजार, मालिनों का चौराहा और गांधी घर का टपरा होते हुए उन्नाव गेट स्थित मुक्तिधाम के गेट नंबर एक के पास माँ मरघट काली मंदिर परिसर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने चुनरी माता रानी के चरणों में अर्पित कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
डॉ. संदीप सरावगी बोले—धार्मिक आयोजनों से बढ़ती है सामाजिक एकता
आयोजन की जिम्मेदारी अभिषेक बुंदेला और नितिन महोबिया ने संभाली। इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि माँ मरघट काली की चुनरी यात्रा श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को जनकल्याण एवं सेवा कार्यों के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए माता रानी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
यात्रा में मरघट काली कमेटी के अध्यक्ष रजत हजारिया, एडवोकेट अभिषेक कनोजिया, सिद्धार्थ गौतम, तन्मय तिवारी और अंकुर अग्रवाल सहित मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तिमय वातावरण में निकली चुनरी यात्रा ने आस्था, सामाजिक सद्भाव और एकजुटता का संदेश दिया।










