क्या आपको अक्सर पेट फूलने, गैस या बदहजमी की शिकायत रहती है? अगर हां, तो इसका सीधा सा मतलब है कि आपके पेट को थोड़े ‘गुड बैक्टीरिया’ की जरूरत है।
सादी पत्तागोभी से बनी ‘सॉरक्रॉट’ या ‘किमची’
कच्ची या उबली हुई पत्तागोभी खाने में बहुत ही सादी लगती है, लेकिन जब इसे नमक के साथ एक जार में फर्मेंट होने के लिए रख दिया जाता है, तो यह ‘सॉरक्रॉट’ या ‘किमची’ में बदल जाती है। फर्मेंट होने के बाद इसका स्वाद क्रंची, खट्टा और बेहद तीखा हो जाता है। बर्गर या सैंडविच में इसे डालने से स्वाद दोगुना हो जाता है और यह आंतों की सफाई के लिए बेहतरीन बन जाती है।

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फीके सोयाबीन से बना टेस्टी ‘टेम्पे’
अगर आप उबला हुआ सोयाबीन खाएंगे, तो आपको कोई खास स्वाद नहीं मिलेगा और यह पचने में भी भारी होता है, लेकिन जब इसे फर्मेंट करके इंडोनेशियाई डिश ‘टेम्पे’ या जापानी ‘मीसो’ पेस्ट बनाया जाता है, तो इसमें एक कमाल का ‘उमामी’ स्वाद आ जाता है। फर्मेंटेशन से सोयाबीन का प्रोटीन पचने में बेहद आसान हो जाता है।

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नॉर्मल चाय की पत्ती से बनी फिजी ‘कोम्बुचा’
हम रोज दूध वाली या काली चाय पीते हैं, लेकिन क्या आपने कभी फर्मेंटेड चाय पी है? साधारण काली या हरी चाय में थोड़ी चीनी और ‘स्कोबी’ डालकर जब फर्मेंट किया जाता है, तो यह ‘कोम्बुचा’ नाम की एक शानदार ड्रिंक बन जाती है। यह किसी कोल्ड ड्रिंक की तरह फिजी और खट्टी-मीठी लगती है, जो स्वाद के साथ-साथ लिवर को भी डिटॉक्स करती है।


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कच्चे चावल-दाल से बना इडली/डोसे का खट्टा बैटर
अगर आप सिर्फ चावल और उड़द की दाल को उबालकर खाएं, तो यह एक साधारण खाना है, लेकिन जब इन्हें पीसकर रातभर खमीर उठने के लिए छोड़ दिया जाता है, तो सुबह तक इस बैटर में एक हल्की-सी खटास और गजब का स्वाद आ जाता है। इसी फर्मेंटेशन की वजह से डोसा क्रिस्पी बनता है और इडली जालीदार व हल्की हो जाती है, जिसे हमारा पेट तुरंत पचा लेता है।

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सादे दूध से खट्टा और गाढ़ा ‘केफिर’
दूध अपने आप में संपूर्ण आहार है, लेकिन कई लोगों को इसे पचाने में दिक्कत होती है। दूध में जब ‘केफिर ग्रेन्स’ डालकर इसे फर्मेंट किया जाता है, तो यह साधारण दूध से एक गाढ़ी, हल्की खट्टी और मलाईदार ड्रिंक में बदल जाता है। खमीर उठने से इसका स्वाद बहुत रिफ्रेशिंग हो जाता है और दूध का सारा भारीपन खत्म हो जाता है।

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कच्ची गाजर और चुकंदर से बनी तीखी ‘कांजी’
कच्ची गाजर या चुकंदर सलाद में अच्छे लगते हैं, लेकिन उनका स्वाद मीठा और सादा होता है। जब इन्हें राई, नमक और पानी के साथ मटके या कांच के जार में 3-4 दिन धूप में रखा जाता है, तो ये फर्मेंट होकर ‘कांजी’ बन जाते हैं। सादी गाजर राई के खट्टेपन और तीखेपन को सोख लेती है। यह ड्रिंक इतनी स्वादिष्ट हो जाती है कि आप इसे बार-बार पीना चाहेंगे और यह कब्ज को जड़ से खत्म कर देती है।
