भारतीय रेलवे से सफर कर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश लखनऊ से ट्रेन द्वारा कानपुर पहुंचीं, दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
रिपोर्ट: नवीन यादव
कानपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपनी कानपुर यात्रा के दौरान भारतीय रेलवे से यात्रा कर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने पहली बार लखनऊ से कानपुर तक का सफर ट्रेन के प्रथम वातानुकूलित कोच में किया। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
कानपुर पहुंचने के बाद राज्यपाल छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, उपाधियां एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे केवल बच्चों को विद्यालय या महाविद्यालय भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी न समझें, बल्कि उनकी पढ़ाई, गतिविधियों और संगति पर भी नियमित रूप से ध्यान दें।
इसके बाद राज्यपाल ने हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी भाग लिया। वहां उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया और उन्हें ज्ञान, अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल की भारतीय रेलवे से की गई यात्रा को सार्वजनिक परिवहन के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उनकी इस पहल की विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक वर्गों ने सराहना की है।










