अफीम तस्करी के आरोप में शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी गिरफ्तार, दो दिन के रिमांड पर भेजे गए
रिपोर्ट: नवीन यादव
कोटा। कोटा–नागदा रेलखंड स्थित शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी को अफीम तस्करी के आरोप में नीमच जिले की जीरण थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को मंगल सिंह नामक व्यक्ति को लगभग साढ़े चार किलोग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि बरामद अफीम में से करीब डेढ़ किलोग्राम अफीम उसने शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी से खरीदी थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कन्हैयालाल भाटी को भी गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं, ताकि मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क और अन्य संदिग्ध संपर्कों का पता लगाया जा सके।
मीडिया के सामने आरोपों से किया इनकार
न्यायालय में पेशी के दौरान मीडिया से बातचीत में कन्हैयालाल भाटी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें थाने के एक अन्य प्रभारी कपिल सौराष्ट्री ने साजिश के तहत फंसाया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को भी अफीम नहीं दी।
जीआरपी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी के रूप में उनकी नियुक्ति और थाना संचालन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, फरवरी से अब तक शामगढ़ जीआरपी थाने में कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ, जिससे थाना संचालन और अवैध गतिविधियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
25 वर्ष पहले भी सामने आया था ऐसा मामला
जानकारी के अनुसार, लगभग 25 वर्ष पहले भी शामगढ़ जीआरपी थाना एक मादक पदार्थ मामले में चर्चा में आया था, जब एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े एक प्रकरण में थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित किया गया था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










