पुणे में सिंथेटिक दूध का बड़ा रैकेट बेनकाब: 13 गिरफ्तार, 2 करोड़ का माल जब्त इंद्र यादव
पुणे जिले में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की संयुक्त कार्रवाई में सिंथेटिक दूध बनाने और सप्लाई करने वाले एक अंतर-ज़िला रैकेट को पकड़ा गया है। इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया है।
पुणे रूरल पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच की 30 सदस्यीय टीम और FDA के 20 से ज्यादा अधिकारियों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस पूरे रैकेट का मुख्य केंद्र मंचर को बनाया गया था। पुलिस ने मंचर के अलावा अकलूज, अहिल्यानगर, सिल्लोड और सांगली में भी छापेमारी कर इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी।
अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह कोई छोटी-मोटी मिलावट नहीं कर रहा था, बल्कि यह बड़े पैमाने पर सिंथेटिक दूध का उत्पादन कर रहा था। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि.
यह गिरोह अंतर-ज़िला स्तर पर सक्रिय था।
सिंथेटिक दूध बनाकर उसे बाजार में असली दूध बताकर सप्लाई किया जाता था।
कई जिलों में फैले इस नेटवर्क के जरिए रोजाना भारी मात्रा में मिलावटी दूध आम लोगों तक पहुँचाया जा रहा था।
जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस काफी समय से इस गिरोह पर नजर रख रही थी। यह कार्रवाई एक विस्तृत जांच और पुख्ता सबूतों के बाद की गई है। सिंथेटिक दूध का सेवन न केवल पोषण के नजरिए से बेकार है, बल्कि यह शरीर के अंगों के लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा भी हो सकता है।
फिलहाल, पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सहयोगियों और बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके। इस बड़ी कार्रवाई के बाद मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।










