आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ-डिप्टी एस एस विवाद में बड़ा घटनाक्रम मामले में शामिल अबरार, योगेश और मनीष को जीआरपी ने भेजा जेल
रिपोर्ट: नवीन यादव
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) के बीच हुए बहुचर्चित विवाद में जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीन निजी व्यक्तियों अबरार, योगेश और मनीष को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बताया जाता है कि हिराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर हुए विवाद के दौरान रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ के बीच कहासुनी के बाद मारपीट की स्थिति बन गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे रेलवे महकमे में चर्चा का विषय बन गया। इस मामले में डिप्टी स्टेशन अधीक्षक की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जीआरपी ने मामले में नामजद तीन निजी व्यक्तियों अबरार, योगेश और मनीष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
उधर, इस पूरे प्रकरण को रेलवे प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। मामले में पहले ही आरपीएफ के संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जा चुका है। साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो सभी पक्षों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जीआरपी का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगरा कैंट स्टेशन पर हुई इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के बीच समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।










