डिप्टी एसएस मारपीट प्रकरण: वायरल वीडियो के बाद आरपीएफ जवान ने दर्ज कराई जवाबी शिकायत थाना सदर में डिप्टी एसएस सहित आठ लोगों के खिलाफ दी तहरीर, वर्दी फाड़ने और मोबाइल छीनने का लगाया आरोप
रिपोर्ट : नवीन यादव
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चहार के साथ हुई मारपीट के चर्चित मामले में अब नया मोड़ आ गया है। घटना में आरोपी आरपीएफ जवान हरेश प्रताप सिंह ने थाना सदर में डिप्टी एसएस नरेंद्र चहार सहित आठ लोगों के खिलाफ जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसके साथ मारपीट की गई, वर्दी फाड़ दी गई तथा मोबाइल फोन और पहचान पत्र छीन लिया गया।
महिला यात्री की मदद के दौरान शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार 12 जुलाई 2026 को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस से एक महिला यात्री प्लेटफॉर्म पर रह गई थी। महिला की सुरक्षा को देखते हुए डिप्टी एसएस नरेंद्र चहार ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से ट्रेन चालक और संबंधित अधिकारियों को संदेश देकर ट्रेन की गति नियंत्रित कराने का प्रयास किया, ताकि महिला सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हो सके।
गलतफहमी के बाद हुआ विवाद और मारपीट
बताया जाता है कि आरपीएफ के कुछ जवानों ने इस कार्रवाई को नियम विरुद्ध समझ लिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे रेलवे महकमे में चर्चा का विषय बन गया।
आरपीएफ जवान के फटे कपड़ों का वीडियो भी हुआ वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें आरपीएफ जवान हरेश प्रताप सिंह के कपड़े फटे हुए दिखाई दे रहे हैं। जवान का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उसके साथ मारपीट की गई, वर्दी फाड़ दी गई तथा मोबाइल फोन और पहचान पत्र भी छीन लिए गए। इन्हीं आरोपों के आधार पर उसने थाना सदर में जवाबी शिकायत दर्ज कराई है।
दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच जारी
अब इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज होने के बाद पुलिस और रेलवे प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
रेलवे महकमे की नजर जांच पर
आगरा कैंट स्टेशन पर हुई इस घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ के बीच समन्वय को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। कर्मचारी संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।










