झांसी मंडल में रेल परिचालन हुआ और अधिक सुरक्षित व तेज, कई रेलखंडों पर बढ़ी सेक्शनल स्पीड डीआरएम अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में झांसी मंडल में बढ़ी ट्रेनों की रफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था भी हुई मजबूत

रिपोर्ट : नवीन यादव

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। डीआरएम अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में विभिन्न रेलखंडों पर तकनीकी उन्नयन एवं सुरक्षा मानकों की पूर्ति के बाद सेक्शनल स्पीड में वृद्धि की गई है। साथ ही रेल एवं सड़क यातायात की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तीन समपार फाटकों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

कई रेलखंडों पर बढ़ाई गई ट्रेनों की गति

संदललपुर–सिथौली ‘ए’ केबिन के मध्य तृतीय रेल लाइन पर अधिकतम सेक्शनल स्पीड 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इसी प्रकार दतिया–डबरा तृतीय लाइन खंड पर भी गति सीमा 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।

ग्वालियर–श्योपुर ब्रॉडगेज रेलखंड के रायरू–जौरा अलापुर खंड पर गति सीमा 90 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा तथा जौरा अलापुर–कैलारस खंड पर 75 से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। वहीं खैरार–मानिकपुर रेलखंड के बांदा–खुरहंड के मध्य नवनिर्मित द्वितीय डाउन लाइन पर अधिकतम गति 90 से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा तथा हेतमपुर–धौलपुर तृतीय लाइन खंड पर 80 से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।

क्रॉसओवर और लूप लाइनों पर भी बढ़ी अनुमेय गति

परिचालन को अधिक सुचारु एवं समयबद्ध बनाने के लिए उदयपुरा–टीकमगढ़ खंड के एलपीजीसीएल केबिन, खैरार–मानिकपुर खंड के डिंगवाई एवं खुरहंड स्टेशन तथा झांसी–ग्वालियर रेलखंड के सिथौली ‘ए’ केबिन स्थित विभिन्न क्रॉसओवर एवं कॉमन लूप लाइनों पर अनुमेय गति 15 से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।

इन तकनीकी सुधारों से ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि होगी, परिचालन अधिक सुचारु बनेगा तथा समयपालन में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। साथ ही मालगाड़ियों एवं यात्री ट्रेनों के संचालन की क्षमता और दक्षता में भी वृद्धि होगी।

तीन समपार फाटक स्थायी रूप से बंद

रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए झांसी मंडल में तीन समपार फाटकों को स्थायी रूप से बंद किया गया है। इनमें वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी–मानिकपुर रेलखंड का समपार फाटक संख्या 476, महोबा–खजुराहो रेलखंड का समपार फाटक संख्या 2 तथा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी–ग्वालियर रेलखंड का समपार फाटक संख्या 409 शामिल हैं। इन समपार फाटकों के बंद होने से अनधिकृत सड़क पारगमन की संभावना कम होगी तथा रेल एवं सड़क दोनों यातायात की सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी।

सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय रेल सेवाओं के लिए निरंतर प्रयास

डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि झांसी मंडल यात्रियों को सुरक्षित, तेज एवं विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचना विकास, तकनीकी उन्नयन तथा सुरक्षा संबंधी सुधारों को निरंतर गति दे रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यात्रियों की सुविधा, परिचालन दक्षता और रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे सुधार कार्य लगातार जारी रहेंगे।

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